सपा, बसपा, बामसेफ, एएसपीके, आप कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकालकर जताया विरोध
कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन के बाद मजिस्ट्रेट के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
गोंडा। आरक्षण व्यवस्था समाप्त करने का आरोप लगाते हुए बुधवार को राजनीतिक दलों के साथ अन्य संगठनों ने भारत बंद का ऐलान किया। हालांकि, बंद का मिलाजुला असर ही दिखाई पड़ा। कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किया गया। गांधीपार्क में एकत्र बसपा कार्यकर्ताओं को पुलिस व प्रशासन ने गेट के अंदर बंद कर दिया। बाद में बातचीत के बाद उन्हें मात्र सौ मीटर दूर तक ही जाने दिया गया। भारत बंद के समर्थन में बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष मनोज कनौजिया के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को संबोधित सात सूत्री ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा।
गांधी पार्क में बसपा के पदाधिकारी व कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष मनोज कुमार कनौजिया के नेतृत्व में एकत्र हुए। यहां राजकुमार कुरील मंडल सेक्टर इंचार्ज, सर्वेंद्र अंबेडकर, रामशरण गाौतम, मांसू चौधरी, मनोज चौधरी, धर्मपाल गौतम, तिलकराम भारती, हरिश्चंद्र गौतम, राकेश कुमार भारती, जगदीश पटेल, अमरेश कुमार, विवेक भारती समेत अन्य ने नारेबाजी की। कहा कि किसी भी कीमत पर आरक्षण खत्म नहीं होने देंगे। हर स्तर पर लड़ाई लड़ी जाएगी। ज्ञापन में एससी-एसटी के आरक्षण में क्रीमी लेयर लागू करने का विरोध, समाज में अनुसूचित जातियों के नागरिकों के साथ हो रहे छुआछूत, भेदभाव, शोषण व उत्पीड़न रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने, संविदा सेवाओं में अनुसूचित जाति के साथ किए जा रहे पक्षपात को रोकने, सरकारी नौकरियों में प्रोन्नति में आरक्षण का लाभ देने की मांग प्रमुख है।
उधर, कलेक्ट्रेट परिसर में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के जिलाध्यक्ष जयशंकर गौतम की अगुवाई में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया गया। सभा में उन्होंने कहा कि आरक्षण खत्म करने की साजिश रची जा रही है। समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी समेत कई अन्य संगठनों ने भी विरोध जताया।