गोंडा। ग्राहक को ट्रैक्टर की क्रय रसीद व पंजीयन प्रमाणपत्र (आरसी) न देने पर उपभोक्ता आयोग ने डीलर पर साढ़े आठ हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
साथ ही डेढ़ माह में ट्रैक्टर की क्रय रसीद व आरसी की प्रमाणित प्रति देने का आदेश दिया है। आदेश का अनुपालन न होने पर डीलर को छह प्रतिशत ब्याज भी परिवादी को चुकाना होगा।
सदर तहसील के ग्राम राजापुर परसौरा निवासी गजराज ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में परिवाद प्रस्तुत किया था। इसमें बताया था कि उसने नैमिख ट्रेडर्स मनकापुर के प्रोपराइटर अजय सिंह से 6.50 लाख रुपये में ट्रैक्टर खरीदा था।
डीलर ने डिलीवरी के समय क्रय रसीद व आरसी प्रपत्र नहीं दिया। दूसरी बार सर्विसिंग के समय डीलर ने पंजीयन नंबर बताकर ट्रैक्टर पर लिखवा दिया। लेकिन कागजात न होने के कारण आरटीओ ने ट्रैक्टर का चालान कर दिया और परिवहन कार्यालय में जानकारी करने पर नंबर फर्जी निकला।
डीलर ने पहले से तय साढ़े तीन लाख के बजाय चार लाख पांच हजार रुपये का लोन लिया था। बार-बार मांगने के बाद भी उन्होंने ट्रैक्टर की क्रय रसीद व आरसी नहीं दी।
आयोग के नोटिस पर विपक्षी कोटक महिंद्रा की ओर से जवाब दाखिल कर कड़ा प्रतिवाद किया गया, लेकिन डीलर की ओर से कोई हाजिर नहीं हुआ और न ही कोई जवाब प्रस्तुत किया।
आयोग के अध्यक्ष रामानंद, सदस्य सुभाष सिंह व मंजू रावत ने फैसला सुनाते हुए आयशर कंपनी के डीलर नैमिख ट्रेडर्स को डेढ़ माह में ट्रैक्टर की क्रय रसीद व आरसी की प्रमाणित प्रति देने का आदेश दिया है। डीलर शारीरिक, मानसिक कष्ट व वाद खर्च के लिए साढ़े आठ हजार रुपये परिवादी को अदा करेगा।