गोंडा जिले में मुजेहना में गुमड़ीघाट जंगल में हुई सड़क हादसे में घायल बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई। जबकि दो युवक घायल हो गए। घायलों को अस्पताल भेजा गया है। बलरामपुर जिले के श्रीदत्तगंज थाना क्षेत्र के विसेनपुरवा के रहने वाले मनोज, राजकुमार, अमित यादव व नकहीजोत के रहने वाले सुरजीत एक ही बाइक पर सवार होकर कहीं जा रहे थे। गोंडा-उतरौला मुख्य मार्ग पर गोंडा-बलरामपुर जिले के बार्डर एरिया गुमड़ी घाट जंगल के पास पहुंचे। इस दौरान किसी अज्ञात वाहन की ठोकर से बाइक सवार सभी युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। जिससे दो लोगों ने मौके पर दम तोड़ दिया, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची बलरामपुर जिले की डायल 112 पुलिस ने चारों को जख्मी हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उतरौला ले जाया गया। जहां पर डॉक्टरों ने दो युवकों को मृत घोषित कर दिया। धानेपुर के प्रभारी थानाध्यक्ष अमर सिंह ने बताया कि दुर्घटना धानेपुर थाना क्षेत्र में हुई है।
श्रीदत्तगंज थानाध्यक्ष अनिल दीक्षित ने बताया कि धानेपुर थाना क्षेत्र के गुमड़ी घाट जंगल में सड़क हादसा हुआ है। जिसमें बलरामपुर जिले के विसेन पुरवा के मनोज वर्मा, अमित यादव व राजकुमार व ढकहीजोत के सुरजीत गंभीर रूप घायल हो गए थे। उपचार के लिए पुलिस की ओर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उतरौला ले जाया गया था। जहां पर डाॅक्टरों ने मनोज, अमित व राजकुमार को मृत घोषित कर दिया। जबकि सुरजीत का उपचार चल रहा है। धानेपुर के प्रभारी थानाध्यक्ष अमर सिंह ने बताया कि धानेपुर इलाके में सड़क हादसा हुआ है। तहरीर मिलने पर विधिक कार्रवाई की जायेगी।
चाचा-भतीजे की मौत से विशुनपुर गांव में मातम
एक ही बाइक पर चार सवारी बैठाना तीन परिवार को भारी पड़ गया। हद तो यह थी एक बालक को बाइक की पेट्रोल टंकी पर बैठा रखा था। किसी ने भी हेलमेट नहीं पहन रखा था। हादसे में तीन की मौत से विशुनपुर गांव में कोहराम मच गया। परिवार एक-दूसरे को बाइक पर चार सवारी बैठाने की लापरवाही के लिए कोसते भी रहे। हादसे में जान गंवाने वालों में चाचा-भतीजे भी हैं।
श्रीदत्तगंज के थानाध्यक्ष अनिल दीक्षित ने बताया कि बाइक पर अमित यादव (11) को बाइक की पेट्रोल टंकी पर बैठाने की बात सामने आई है। वहीं राजकुमार यादव (15) उसके चाचा की भी मौत हो गई। वह बरात में अपने भतीजे को भी ले जा रहे था। वहीं, गांव में राजकुमार की मां विद्यादेवी का रो- रोकर बुरा हाल था। आठ भाइयों में वह सबसे छोटा था। मनोज वर्मा अपने परिवार में दो भाइयों में बड़ा था। उसकी मौत से पिता गुड्ड बेसुध थे। सभी परिवार खेती किसानी करते हैं और पारिवारिक परिस्थिति ठीक नहीं है।
दो से अधिक बाइक पर न बैठें, हेलमेट जरूर लगाएं
बाइक पर दो अधिक सवारी बैठाना अपराध है। दो से अधिक सवारी बैठाने के बाद वाहन चलाने में दिक्कत होती है। चार की सवारी तो जानलेवा सफर को दावत देने जैसा है। बिना हेलमेट के कभी भी वाहन नहीं चलाना चाहिए।
- अरविंद कुमार यादव, एआरटीओ