गोंडा। सिर्फ हाल पथवलिया कंपोजिट विद्यालय या उसके आसपास की नहीं वरन विभागीय जिम्मेदारों की लापरवाही से जानलेवा झूलते लटकते बिजली के तारों का जंजाल जिले में जगह-जगह दिखता है। कहीं सरिया के सहारे सप्लाई लाइन दौड़ाई गई है तो कहीं छत का इस्तेमाल किया गया है। जमीन से छूती केबल से बचाव के लिए लोगों ने खुद कपड़ा लपेट रखा है।
बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 206 स्कूलों से विद्युत लाइन हटाने के लिए पावर कॉर्पोरेशन को 1.54 करोड़ रुपये भुगतान किया जा चुका है। मगर लापरवाही का आलम यह है कि अब तक सिर्फ 12 स्कूलों से ही हाईटेंशन लाइन को हटाने का काम किया गया है। जबकि कई बार बैठकों में हादसे के डर को देखते हुए अधिकारियों से आपत्ति तक दर्ज कराई जा चुकी है। देवीपाटन मंडल के मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने बताया कि तमाम प्रयासों के बावजूद दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटित हुई है। बृहस्पतिवार को भी टीम कटाई-छंटाई के लिए गई थी। मगर विरोध के चलते काम नहीं हो पाया। सभी को विद्युत सुरक्षा उपायों के जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। (संवाद)