गोंडा। शासन द्वारा ग्राम पंचायतों का पुनर्गठन व परिसीमन किये जाने के संबंध में विस्तृत निर्देश जारी कर दिए गए हैं। यह जानकारी देते हुए जिला पंचायतराज अधिकारी सभाजीत पांडेय ने बताया कि शासन द्वारा निर्धारित समय सारिणी के अनुसार ग्राम पंचायत पुनर्गठन के संबंध में प्रार्थना पत्र व प्रस्ताव 09 नवंबर से 20 नवंबर तक प्राप्त किये जाएंगे।
ग्राम पंचायत पुनर्गठन व परिसीमन के संबंध में जनपद स्तर पर 21 नवंबर से 25 नवंबर तक तैयार प्रस्ताव का अनन्तिम प्रकाशन की कार्यवाही, अनन्तिम प्रकाशन के उपरान्त 02 दिसंबर तक आपत्तियां प्राप्त किये जाने की अंतिम तिथि, प्राप्त आवेदन पत्रों के परीक्षणोपरांत निदेशालय को अन्तिम संस्तुतियां 06 दिसंबर को भेजा जाना है।
07 दिसंबर से 13 दिसंबर तक निदेशालय स्तर पर अधिसूचना निर्गत की जाएगी और 14 से 18 दिसंबर तक अधिसूचना का सरकारी गजट में मुद्रण और प्रकाशन तक पुनर्गठन के संबंध कार्यवाही की जानी है।
डीपीआरओ ने बताया कि ग्राम पंचायत के क्षेत्र में परिवर्तन का प्रस्ताव संबंधित ग्राम पंचायत द्वारा अथवा उस ग्राम पंचायत के 50 या उससे अधिक निवासियों द्वारा निर्धारित अवधि के अंदर प्रस्तुत किया जायेगा।
ग्राम पंचायत क्षेत्र का गठन जनगणना वर्ष 2011 के प्रकाशित आंकड़ों के आधार पर किया जायेगा एवं किसी ग्राम पंचायत के पंचायत क्षेत्र के निर्धारण के लिए किसी राजस्व ग्राम या मजरे को विभाजित नहीं किया जायेगा। उन्होंने यह भी बताया कि किसी ग्राम पंचायत के प्रादेशिक क्षेत्र में केवल ऐसे राजस्व ग्राम, ग्रामों को सम्मिलित किया जायेगा जो भौगोलिक दृष्टि से एक-दूसरे से निकटस्थ हों।
राजस्व ग्राम या ग्रामों को किसी पंचायत क्षेत्र में सम्मिलित करने में यह भी ध्यान रखा जायेगा कि इनके मध्य दूसरी ग्राम पंचायत का कोई प्रादेशिक क्षेत्र न पड़ता हो तथा ग्राम पंचायतों में सम्मिलित किये जाने वाले राजस्व ग्राम के बीच में कोई नदी नाला, पहाड़ या कोई प्राकृतिक अवरोध उसके बीच आवागमन में बाधक न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन के प्रस्ताव निर्धारित अवधि के अंदर जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत किये जा सकेंगे।