वाबगंज के ब्योंदा माझा गांव में नाव से आवागमन करते लोग। - संवाद
करनैलगंज/गोंडा। सरयू नदी के लगातार बढ़ रहे जलस्तर ने एक बार फिर खतरे की घंटी बजा दी है। सरयू खतरे के निशान से 29 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है। वहीं, 3.21 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हो रहा है। करनैलगंज के 10 और नवाबगंज क्षेत्र के आठ गांवों के लोग बाढ़ के संकट को लेकर चिंतित हैं।
एक ओर जहां नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। वहीं, रविवार रात से हो रही बारिश के चलते बाराबंकी जिले के छह गांव एक बार फिर जलमग्न हो गए हैं। गोंडा के नकहरा और चंदापुर किटौली, पसका के 15 गांवों की तरफ बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ रहा है। एसडीएम करनैलगंज जितेंद्र गौतम का कहना है कि क्षेत्र में बाढ़ से प्रभावित होने गांवों की लगातार निगरानी हो रही है। बाढ़ चौकियां अलर्ट मोड पर हैं।
यहां भी बढ़ा संकट
विश्नोहरपुर। माझा क्षेत्र में सरयू का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। जलस्तर बढ़ने से कटान रुक गई है, लेकिन खेतों में दोबारा पानी भर रहा है। इससे धान की फसल पर खतरा मंडराने लगा है। दत्तनगर, ब्योंदा माझा, साकीपुर, तुलसीपुर माझा, जैतपुर, माझाराठ व दुर्गागंज आदि गांवों में ग्रामीणों का रहना दुश्वार हो रहा है। चहलावा में नाव से आवागमन शुरू हो गया है। ब्योंदा माझा के कुछ मजरों में नाव से लोग आवागमन कर रहे हैं। पूर्व प्रधान छोटेलाल यादव ने बताया कि अट्ठाईसा मजरे में पानी भर गया है। पशुओं के चारे के लिए लोगों को नाव से उस पार जाना पड़ रहा है। पानी घटने लगा था, लेकिन नदी का जलस्तर दोबारा बढ़ने से चिंता हो रही है। दुर्गागंज में सरयू का पानी धान व गन्ने के खेतों से होकर आबादी वाले इलाकों की तरफ बढ़ रहा है। दत्तनगर में बाड़ी व पाड़ी मजरों में बढ़ते जलस्तर का प्रभाव अधिक है।