गोंडा। साइबर क्राइम की बढ़ रही वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस महकमे ने साइबर थाना खोलने की तैयारी की है। इसके लिए पुलिस लाइन और कोतवाली नगर में भूमि का चिन्हीकरण शुरु कर दिया गया। साइबर अपराध की वारदातों को बढ़ रही तादात के मद्देनज साइबर थाना खोला जाएगा। इससे जहां ऑनलाइन धोखाधड़ी रोकने में पुलिस के लिए यह थाना कारगर साबित होगा। वहीं साइबर क्राइम रोकने में सहूलियत मिलेगी।
सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों समेत प्राइवेट सेक्टर में सिस्टम ऑनलाइन हो गया है। इससे जहां लोगों को सहूलियत मिल रही है। वहीं ऑनलाइन का दुरुपयोग भी हो रहा है। ऑनलाइन बैंक अकाउंट से लोगों के खाते से जालसाज अक्सर उनकी गाढी कमाई हैकिंग के जरिए साफ कर रहे हैं।
जिले में हर तीसरे दिन लोगों के बैंक अकाउंट से जालसाज हैकिंग के जरिए रुपये निकाल रहे हैं। कईयों के तो बैंक अकाउंट से परचेजिंग की भी वारदातें हुई हैं। इससे लोग थानों में तो रिपोर्ट दर्ज करा देते हैं।
मगर पुलिस के पास अन्य अपराधों की विवेचनाओं का भार इतना बढ़ गया है कि पुलिस आनलाइन हैकिंग पर तेजी से काम नहीं कर पा रही है। हालांकि पुलिस ऑफिस में साइबर सेल का बना है। इसके लिए उपनिरीक्षक समेत पुलिसकर्मियों की तैनाती भी है। मगर अलग से साइबर थाना न होने से दिक्कतें आ रही हैं। साइबर थाना खुलने से अब लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी के साथ ही साइबर क्राइम से भी निजात मिलेगी।
-अभी तक बैंक अकाउंट समेत फेसबुक व ट्विटर हैकिंग की रिपोर्ट संबंधित थानों में दर्ज कराई जाती थी। जिसकी विवेचना बाद में साइबर सेल को सौंपी जाती थी। इससे साइबर क्राइम से संबंधित मुकदमों के निस्तारण में भी समय लगता था। मगर साइबर थाना खुलने से साइबर क्राइम से पीड़ित लोगों की एफआईआर अब सीधे साइबर थाने में दर्ज कराई जाएगी। इससे मुकदमे का शीघ्र निस्तारण किया जाएगा।
-ऑनलाइन हैकिंग के अभी हाल ही में चार मामले सामने आए हैं। शहर के गायत्री पुरम के रहने वाले संजय तिवारी, फैजाबाद रोड के इस्लाम खां, जानकी नगर कालोनी के रहने वाले देवमणि तिवारी व अधिवक्ता विनय सिंह का फेसबुक अकाउंट हालही में हैक हो चुका है। जिससे उनकी प्राइवेशी का झटका लगा है।