उतरौला कोतवाली क्षेत्र के नगवा मझारी गांव स्थित राम-जानकी मंदिर की खिड़की तोड़कर गुरुवार की रात चोर अष्टधातु की भगवान राम, लक्ष्मण व हनुमान जी की मूर्तियां उठा ले गए। मंदिर के महंत के मुताबिक तीनों मूर्तियां पांच-पांच किलोग्राम की थीं। इसी मंदिर से बीती 27 मार्च को सीता जी की मूर्ति चोरी हो चुकी है। महंत की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
शुक्रवार को राम-जानकी मंदिर नगवा मझारी के महंत मुनेश्वर दास ने बताया कि गुरुवार की रात वह मंदिर में ताला बंद कर बाहर सो रहे थे। इसी बीच देर रात मंदिर के पीछे की खिड़की तोड़कर चोरों ने मंदिर में रखी भगवान राम, लक्ष्मण तथा हनुमान जी की मूर्ति पार कर दी।
शुक्रवार सुबह सोकर उठने के बाद महंत ने जब मंदिर का दरवाजा खोला तो देखा कि तीनों मूर्तियां गायब हैं और पीछे की खिड़की टूटी हुई है। महंत ने मामले की सूचना क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि रामचंद्र गुप्ता व अन्य ग्रामीणों को दी।
रामचंद्र गुप्ता ने बताया कि मंदिर से बीती 27 मार्च को माता सीता की मूर्ति चोरी हो चुकी है। पुलिस ने मामले में हीलाहवाली करते हुए करीब एक माह बाद सीता जी की मूर्ति की चोरी की रिपोर्ट दर्ज की और आज तक इस मामले में खाली हाथ है।
रामचंद्र का कहना है कि पुलिस की लापरवाही के चलते ही मंदिर से गुरुवार की रात तीन और मूर्तियां चोरी हुई हैं। महंत ने बताया कि वर्ष 1961 में उन्होंने मंदिर के लिए अष्टधातु की चारों मूर्तियां खरीदी थीं। प्रत्येक मूर्ति का वजन पांच किलोग्राम था।
वर्तमान समय में इन मूर्तियों की कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है। महंत ने मामले की तहरीर उतरौला कोतवाली में दी है। कोतवाल आरके सिंह यादव ने बताया कि महंत की तहरीर पर अज्ञात चोरों के खिलाफ मूर्ति चोरी का मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है।