माधवगंज के मजरा बंदरमरवा में हुई छात्रा की हत्या मामले में पुलिस एक सप्ताह बाद भी खाली हाथ है। छात्रा की मौत को हैंगिंग बताकर मामले को तूल देने से बच रही इलाकाई पुलिस अब घटनास्थल के आसपास गन्ने के खेत में ही हत्या का क्लू तलाशने में जुटी है। जिसके लिए छात्रा के हत्यारों की तलाश मे जुटी पुलिस ने शुक्रवार की देर शाम घटनास्थल पर जाकर और वहां का नक्शा तैयार किया और सबूत जुटाए।
थाना क्षेत्र के माधवगंज गांव के मजरा बंदरमरवा की रहने वाले बद्री प्रसाद की 15 वर्षीय बेटी सोनू का शव बीती 20 नवंबर को उसके घर से पांच सौ मीटर की दूरी पर गन्ने के खेत में जामुन के एक पेड़ से लटका मिला। इस संबंध मे उसके पिता ने बेटी की हत्या किए जाने की आशंका जताते हुए अज्ञात के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी।
लेकिन पुलिस ने मामले में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और आज तक छात्रा की मौत की वजह नहीं तलाश पाई है। जबकि छात्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आए कई दिन बीत चुके हैं।
शुक्रवार को इस मामले की जांच करने गांव पहुंचे विवेचक अनिरुद्ध सिंह ने घटनास्थल पर जाकर वहां का नक्शा बनाया और सबूत की तलाश में आसपास के गन्ने के खेतों की खाक छानी। सबूत के नाम पर जांच के दौरान गन्ने के खेत मे पुलिस को तीन रास्ते मिले हैं। गन्ने के खेत मे बने इन रास्तों ने पुलिस के कान खडे़ कर दिए हैं और इन्हीं रास्तो के सहारे पुलिस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है।
छात्री की मां शशि का आरोप है कि उसके बेटी की हत्या की गई है और पुलिस मामले की जांच मे लीपापोती कर रही है। थानाध्यक्ष देवेंद्र पांडेय का कहना है कि छात्रा की मौत का कारण हैंगिग है लेकिन पीएम रिपोर्ट की जो कार्बन कॉपी उन्हें मिली है वह स्पष्ट नहीं है। हालांकि वह मामले की जांच करा रहे हैं। जल्द ही इस इसका खुलासा भी कर दिया जाएगा।