बीती 29 जुलाई को जिला जेल में बंद बंदी की संदिग्ध हालात में हुई मौत के मामले में गुरुवार को नया मोड़ आ गया है। बंदी के भाई की तहरीर पर बलरामपुर देहात थाने में जेल अधीक्षक व उनके सहयोगियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है।
गुरुवार को बलरामपुर देहात थाने में दी गई तहरीर में क्षेत्र के पाठकपुरवा सेमरहना निवासी विजय कुमार ने कहा है कि 29 जुलाई को जिला जेल में बंद विचाराधीन बंदी उसके भाई जगतराम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारणों की पुष्टि नहीं हो सकी थी। मृतक का विसरा सुरक्षित कर जांच के लिए भेजा गया था। तहरीर में विजय कुमार ने आशंका जताई है कि जेल अधीक्षक व उनके सहयोगियों की पिटाई के कारण ही जगतराम की मौत हुई है। विजय ने पुलिस से दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच व कार्रवाई की मांग की है। विदित हो कि तहरीर में विजय कुमार ने जेल अधीक्षक का नाम नहीं लिखा है।
इस समय जिला जेल में जेल अधीक्षक की कुर्सी खाली है। यहां तैनात जेलर दीपांकर भारती ही जेल प्रशासन का पूरा काम-काज देख रहे हैं। इस संबंध में एसपी राजीव मल्होत्रा ने बताया कि विजय कुमार की तहरीर पर जेल अधीक्षक तथा उनके सहयोगियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। मृतक बंदी का बिसरा जांच के लिए भेजा गया है।
तहरीर के मुताबिक ही मुकदमा दर्ज किया गया है। वादी ने तहरीर में जेल अधीक्षक का नाम नहीं लिखा है। मामले की जांच की जा रही है। जो भी जेल अधीक्षक का काम देख रहा होगा, उसका नाम कोड किया जाएगा। बिसरा जांच रिपोर्ट आने तथा मामले की जांच के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।