सफेद बालू का काला धंधा करने वाले खनन माफिया ने शुक्रवार को राजनीति की बागडोर थाम ली। पीस पार्टी ने डॉ हाफिज अली को पीस पार्टी का प्रत्याशी घोषित कर गोंडा लोकसभा से चुनाव मैदान में उतार दिया है।
हाफिज बंधुओं व अन्य लोगों पर अवैध खनन के मामले में एनजीटी बीते वर्ष 212 करोड़ रुपये का जुर्माना ठोक चुका है और प्रशासन ने आरसी भी जारी की है। एनजीटी में अवैध खनन की शिकायत गोंडा के सांसद कीर्तिवर्धन सिंह ने की थी और इस समय वह बीजेपी से प्रत्याशी हैं। ऐसे में डॉ. हाफिज अब खनन माफिया की जगह राजनीति में प्रवेश कर सांसद से सीधे मुकाबला करने के लिए मैदान में हैं।
पीस पार्टी ने गोंडा लोकसभा क्षेत्र से डॉ. हाफिज अली को अपना प्रत्याशी बनाया है। पीस पार्टी के मंडल अध्यक्ष अब्दुल कादिर ने शुक्रवार को नवाबगंज कस्बे में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अब्दुल मन्नान का पत्र दिखाते हुए यह घोषणा की।
उन्होंने बताया कि डॉ. हाफिज अली पहले अयोध्या लोकसभा से प्रत्याशी घोषित किए गये थे पर पार्टी ने गोंडा लोकसभा में पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता को लेकर डॉ. हाफिज अली को यहां से प्रत्याशी बनाया है।
तरबगंज तहसील क्षेत्र में चकरसूल सहित सरयू के किनारे अवैध खनन तेजी से चल रहा था। इस खनन से मनकापुर-नवाबगंज-अयोध्या रेल लाइन को भी खतरा उत्पन्न हो गया था। यह मामला तब संज्ञान में आने पर यहां के तत्कालीन डीएम रोशन जैकब ने पड़ताल की और मामले को गंभीर पाया।
इस मामले को सांसद कीर्तिवर्धन सिंह ने एनजीटी में उठाया। एनजीटी की टीम ने मौके का निरीक्षण किया जिसमें अवैध खनन की बात सच पाई गयी। इस पर तत्कालीन डीएम जेबी सिंह रिपोर्ट मांगी गई। एनजीटी ने डॉ. हाफिज अली सहित 32 लोगों पर 212 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया।
इस मामले में प्रशासन ने आरसी भी जारी कर दी। प्रशासन ने डॉ. हाफिज व उनके अन्य सगे संबंधियों की करीब दस करोड़ की संपत्ति की कुर्की भी कर ली थी। करीब दो करोड़ रुपये जुर्माना भी वसूला जा चुका है। डॉ. हाफिज ने बताया कि अब वह जनता की सेवा करना चाहते हैं। पार्टी ने उन्हें जिम्मेदारी दी है जिसका निर्वहन किया जाएगा।