चोरी गई अष्टधातु की कृष्ण व लक्ष्मण की मूर्ति बरामद
गोंडा। रानीरुदापुर गांव के प्राचीन हनुमान मंदिर से 22 दिन पहले चोरी गई अष्टधातु की कृष्ण व लक्ष्मण की मूर्ति पुलिस ने रविवार की देर रात बरामद कर ली। पुलिस ने मूर्ति के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। उनके अन्य साथियों की तलाश में पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
पुलिस अधीक्षक लल्लन सिंह ने बताया कि थाना इटियाथोक क्षेत्र के रानीरुदापुर गांव के प्रचीन हनुमान मंदिर से एक अप्रैल को अष्टधातु की 60 साल पहले स्थापित श्रीकृष्ण और लक्ष्मण की मूर्ति पुजारी महंत बलराम दास के पिता को धमकाकर चोर लेकर फरार हो गए थे।
मूर्ति चोरी के खुलासे के लिए थानाध्यक्ष दुर्गेश सिंह, उपनिरीक्षक सुरेन्द्र बहादुर सिंह की टीम को लगाया गया था। एसपी के मुताबिक रविवार देर रात डायल 100 के पुलिसकर्मियों को सूचना मिली कि दो संदिग्ध व्यक्ति दो बाइकों से गोंडा-बलरापुर मार्ग पर बैरई पुरवा के पास जा रहे हैं।
एक बाइक की पिछली सीट पर बैठे व्यक्ति ने बोरे शव भरकर लाद रखा है। इसी सूचना पर पुलिस टीम ने पीछा करके गोंडा-बलरामपुर मार्ग पर बकठोरवा गांव के पास उन्हें रोकने का प्रयास किया तो वह सभी भागने लगे। तभी बाइक अनियंत्रित होने से बाइक की पिछली सीट पर बैठा व्यक्ति बोरे समेत गिर गया।
एसपी ने बताया कि इसी बीच भाग रहे उसके साथी पुलिस टीम पर फायरिंग करते हुए फरार हो गए। तलाशी ली गई तो बोरे के अंदर रानीरुदापुर गांव के प्रचीन हनुमान मंदिर से चोरी गई अष्टधातु की श्रीकृष्ण एवम् लक्ष्मण की मूर्ति बरामद हुई। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम वकील उर्फ टकलू निवासी बकठोरवा बताया। एसपी के मुताबिक टकलू से कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि हनुमान मंदिर से एक अप्रैल की रात पुजारी के पिता को धमकाकर उसने अपने साथियों संग मिलकर मूर्ति चोरी की थी।
पुलिस की सक्रियता देखकर मूर्ति को उसने इतने दिनों तक छिपाए रखा था, रविवार की रात वह मूर्ति ऊंची कीमत पर बेचने के लिए बोरे में छिपाकर मुंबई ले जा रहा था। एसपी ने बताया कि टकलू से पूछताछ में उसके साथियों के कुछ सुराग मिले है। जिनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर पुलिस टीम दविश दे रही है।