600 करोड़ की बिजली परियोजना में गोलमाल
गोंडा। बिजली से वंचित 12000 मजरों में विद्युतीकरण के लिए चल रही 600 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं में गोलमाल का खुलासा चेयरमैन पावर कॉर्पोरेशन के सामने हुआ।
जिले की बिजली परियोजनाओं की समीक्षा करने आए अपर मुख्य सचिव व पावर कॉर्पोरेशन आलोक कुमार के सामने सांसद प्रतिनिधि संजीव सिंह ने कई खुलासे किए। चार पहले अछूते गावों में बिजली लगाने के नाम पर हो रहे खेल की जानकारी होने पर चेयरमैन पावर कॉर्पोरेशन ने कार्यदायी संस्था बजाज इलेक्ट्रिकल के हारीपुर स्थित स्टोर का निरीक्षण किया।
वहां पर विद्युतीकरण के लिए जरूरी कई सामग्री तो नही मिली, लेकिन संस्था के अधिकारियों ने भरोसा दिया कि 31 दिसम्बर तक वे सभी अवशेष मजरों की विद्युतीकरण पूरी कर लेंगे। यह पूछने पर कितने गांव विद्युतीकरण हो गए हैं तो 300 गांव का कार्य पूरा करने का दावा किया।
लेकिन जब चेयरमैन विद्युतीकरण की हकीकत परखने दो गांव पहुंचे तो वहां कार्य पूरे नही मिले। उन्होने हिदायत दी कि विद्युतीकरण योजना में शामिल सभी गांवों का कार्य दिसम्बर तक पूरा कर लें, अन्यथा कार्रवाई होगी।
जिले में 12000 मजरों के विद्युतीकरण के लिए वर्ष 2014 में 600 करोड़ से विद्युतीकरण कराए जाने की योजना शुरु हुई। योजना कई प्लानों में बांट कर शुरु किया गया। प्लान-12 के तहत 1836 मजरों में विद्युतीकरण का कार्य वैरीगेटस प्राइवेट लिमिटेड को मिला, लेकिन वह संस्था आई ही नही।
इसे तीन पार्ट में बांट कर स्थानीय ठेकेदारों को जिम्मेदारी दी गई, लेकिन सिर्फ 300 गावों का ही विद्युतीकरण हो पाया। स्थानीय ठेकेदारों ने भी कार्य करने से हाथ खडे कर दिए। इसके बाद 1500 मजरों के विद्युतीकरण का कार्य सौंपा गया है, यह संस्था भी 800 से 900 के करीब मजरों का ही विद्युतीकरण कर पाई।
अब करीब 3154 मजरों की जिम्मेदारी बजाज इलेक्ट्रिकल को मिला है। संस्था को दिसम्बर 2018 तक कार्य पूरा करना है। लेकिन अभी तक संस्था केवल दो मजरों के कार्य पूरा करके विद्युत विभाग को हैंडओवर कर सकी है।
गुणवत्ता में गड़बड़ी व लापरवाही की शिकायत पर अपर मुख्य सचिव ऊर्जा व पावर कारपोरेशन आलोक कुमार शनिवार को गोंडा पहुंचे। उन्होने विद्युतीकरण के बारे में जानकारी करने के लिए मुख्य अभियंता के साथ ही सभी एक्सईन, जिलाधिकारी के विभाग के अधिकारियों के साथ विचार विमर्श किया।
इस दौरान वहां मौजूद कैसरगंज सांसद के प्रतिनिधि संजीव सिंह ने विद्युतीकरण के नाम हो रहे खेल की जानकारी भी दी। कार्यदाई संस्था से फीडबैक पर माधवपुर व ठडक्की पट्टी गांव चेयरमैन पहुंचे तो वहां भी रिपोर्ट की पुष्टि नही हो पाई।
बताया जा रहा है कि माधवपुर के जिन मजरों को विद्युतीकृत बताया गया वहां कार्य ही शुरु ही नही हो पाया था। दूसरे गांव में दूसरी संस्था के कार्य को अपना बता दिया गया था।
चेयरमैन बोले, दिसम्बर तक पूरे होंगे विद्युतीकरण के कार्य
पावर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन व अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने बताया कि दिसम्बर तक विद्युतीकरण का कार्य पूरा हो जाएगा। 3154 गांव के विद्युतीकरण अवशेष है लेकिन कार्यदायी संस्था को तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों को हिदायत दिया गया है कि विद्युतीकरण का कार्य समय से पूरा कराया जाए। उनके साथ जिलाधिकारी कैप्टन प्रभांशु श्रीवास्तव व बिजली विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
कैसरगंज सांसद ने की सीबीआई जांच की मांग
कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने विद्युतीकरण की योजना की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। उन्होंने कहां 600 करोड़ से जिले के 12 हजार गांवों को रोशन करने की योजना को अधिकारी लागू नही करा पा रहे हैं। इसमें पावर कॉर्पोरेशन के बडे अधिकारियों पर आरोप लगाए।
कहाकि बड़े पैमाने पर गोलमाल हुआ है। उन्होंने कहाकि अप्रैल में मुख्यमंत्री से शिकायत की थी अब जाकर चेयरमैन को समय मिला है। चार से पूरी योजना ध्वस्त कर दी गई है। अब वे प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री से मिलेंगे और सीबीआई जांच कराने की मांग करेंगे। उनके निजी सचिव संजीव सिंह ने कहाकि उनके पूरे विभाग की फाइल है जिसमें गोलमाल की जानकारी है।