गोंडा। जिले की अब अहम नदियां नए स्वरूप में दिखेंगी। इसके लिए जिले की चारो प्रमुख नदियों के विकास के लिए 175 करोड़ के बजट को सिंचाई एवं जन संसाधन विकास विभाग ने मनरेगा से स्वीकृति दी है। नदियों के उद्गम स्थल को विकसित किया जाएगा। नदियों का उद्गम स्थल लोगों की आस्था के साथ ही जिले के लोगों के लिए एक आदर्श स्थल है। मौजूदा समय में उद्गम स्थल अविकसित ही नही उपेक्षा से काफी जीर्ण-शीर्ण स्थिति में है। अब इन स्थलों को न सिर्फ सवांरा जाएगा बल्कि उसे श्रद्धालुओं की सोंच के मुताबिक विकसित किया जाएगा। नदियों के उद्गम स्थल पर सरोवर का सुंदरीकरण करने की योजना के साथ ही नदियों को अविरल बनाने के कार्य कराए जाएंगे। जिससे नदियां फिर से नए स्वरूप में आ सकें।
दो नदियों को मनरेगा से निर्मल बनाने की मुहिम की शुरुआत बीते वित्तीय वर्ष में ही हो गई थी। लेकिन टेढ़ी नदी को छोड़कर अन्य स्थलों के विकास का काम ठप है। टेढ़ी का उद्गम स्थल बहराइच में होने से नदियों की सिल्ट सफाई और पथ निर्माण का कार्य ही हो रहा है। अभी कुछ स्थानों पर ही कार्य पंचायतों ने शुरू किया है। इसका कार्य भी अभी सुस्त ही चल रहा है। अब सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने नदियों के जीर्णोद्धार की योजना को स्वीकृति दे दी है। मनरेगा से बनाए गए प्रोजेक्ट को हरी झंडी देने के साथ ही दो नही चारो प्रमुख निदयों के विकास की तैयारी शुरू हो गई है। विभाग ने टेढ़ी और मनवर के साथ ही अब सरयू और बिसुही के दिन बहुरेंगे। इसके लिए 175 करोड़ के बजट जारी हुए हैं।
इसमें टेढ़ी नदी के लिए 65 करोड़, सरयू नदी के लिए 55 करोड़, बिसुही नदी के लिए 35 करोड़ और मनवर के लिए 20 करोड़ का बजट तय किया है। हर नदी के उद्गम स्थल के विकास के साथ ही पौधरोपण, तालाबों के पुनरुद्धार, ठेक का हटाया जाने के कार्य होने हैं। जिससे नदियां अवरिल होकर बह सकें। अभी कई स्थानों पर नदियां लुप्त हो गईं हैं और लोगों ने अतिक्रमण करके खेत भी बना लिया है। ऐसे में नदियों के बीच आने वाले अवरोध को भी दूर किए जाएंगे। इसके लिए सिंचाई विभाग ने नदियों का सर्वे कार्य किया है, जिससे यह बात सामने आई कि कहां पर कौन सा कार्य होना है। सबसे कठिन कार्य मनवर को पुराने स्वरूप में लाने का हैं, नदी जहां से गुजरी है वहां कई स्थानों को पाट कर खेती के प्रयोग में लोग ला रहे हैं। इससे नदी को संवारने के लिए बजट भी बढ़ाया गया है। योजना का संचालन मनरेगा से ग्राम्य विकास विभाग करेगा, जिसके लिए पंचायतों को मुख्य विकास अधिकारी की ओर से निर्देश दिए गए हैं। बीते साल टेढ़ी पर शुरू कराए गए कार्य में तेजी लाने की कवायद हो रही है।
दो नदियों के सर्वे का कार्य पूरा, दो में जुटा विभाग
सिंचाई विभाग के सरयू ड्रेनेज खंड प्रथम ने चारो नदियों में दो नदियों के सर्वे का कार्य पूरा कर लिया है। टेढ़ी नदी के 230 किमी का सर्वे कार्य किया है, सर्वे में नदियों को गहरा करने और दोनो पिट बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। इसी तरह सरयू नदी के 50 किमी का सर्वे कार्य पूरा हो चुका है। नदी के विकास के लिए कई जरूरी कदम उठाने है। सरयू नदी तो अपने उद्गम स्थल से हट कर बह रही है। इसके अलावा बिसुही नदी के 20 किमी का सर्वे हो चुका है। अभी इसका सर्वे चल रहा है। वहीं मनवर का भी सर्वे करने में विभाग जुटा है।
नदियों को अविरल बनाने की कार्य योजना भेजी गई है
ग्राम्य विकास विभाग के मनरेगा योजना से गोंडा की चारो नदियों के जीर्णोद्वार की योजना बनाकर भेजा गया है। कार्य शासन की प्राथमिकता में है और सर्वे का कार्य प्रगति पर है। जल्द ही सभी नदियों के सर्वे का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। -विनोद कुमार निरंजन, मुख्य अभियंता, सरयू परियोजना प्रथम