अधूरी पड़ी परियोजनाओं का सीएम से करा दिया लोकार्पण
गोंडा। जल निगम व नीरनिर्मल परियोजना के अफसरों ने पिछले दिनों जिले के मनकापुर स्थित वन टांगियां गांव आए मुख्यमंत्री से छह ऐसी पेयजल परियोजनाओं को पूरा दिखाकर उनका लोकार्पण करा दिया जो अभी अधूरी पड़ी हैं।
करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से बन रहीं इन परियोजनाओं का काम पूरा होने में अभी करीब छह माह से ज्यादा का समय लगेगा।
बीते 18 मई को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जिले के मनकापुर स्थित वनटागिंया गाव अशरफपुर आए थे। अशरफपुर में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने करीब 227 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया था।
इनमें जलनिगम की 50 करोड़ रुपये की पेयजल योजना भी शामिल थी। जलनिगम के अफसरों ने नीर निर्मल परियोजना के तहत 50 करोड़ रुपये की लागत से बन रही 29 पेयजल परियोजनाओं का लोकार्पण मुख्यमंत्री से कराया है।
इन परियोजनाओं को कागजों में पूरा दिखाया गया है। मगर यह महज जलनिगम व नीर निर्मल परियोजना के अफसरों की बाजीगरी के अलावा और कुछ भी नहीं है। इन 29 परियोजनाओं में ढोढेपुर, सालपुर धौताल, पारा, परसा गोंडरी, बनगांव, मिश्रौलिया कला व वासुदेवपुर गं्रट समेत सात परियोजनाएं अभी अधूरी पड़ी हैं।
यहां टंकी का निर्माण तो कराया जा चुका है मगर पानी को घरों तक पहुंचाने के लिए पाइपलाइन बिछाने का काम अधूरा पड़ा हुआ है। 16 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इन सातों परियोजनाओं से एक बूंद पानी अभी ग्रामीणों को नसीब नहीं हो सका है।
बावजूद इसके जल निगम व नीर निर्मल परियोजना के अफसरों ने आंकड़ों की बाजाीगरी दिखाने के लिए इन अधूरी योजनाओं का भी लोकार्पण मुख्यमंत्री से करा दिया। अफसरों की बाजीगरी ने लोकार्पण कराई गई योजनाओं की सत्यता पर सवाल खड़ा कर दिया है।
इस संबंध में नीर निर्मल परियोजना के इंजीनियर कुशल गुप्ता ने परियोजना के पूरा होने का दावा करते हुए बताया कि कि ग्राम प्रधानों की लापरवाही के कारण इन गांवों में कनेक्शन की लिस्ट नहीं मिल पाई है जिससे कनेक्शन का काम अधूरा है। बाकी के पाइपलाइन बिछाने जैसे काम पूरे हो चुके हैं।