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रिश्वतखोरी की डिमांड ने ले ली बुजुर्ग किसान की जान

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10द्दस्रड्डश्च4-गोंडा के धानेपुर में किसान की मौत पर हंगामा करते परिवार के लोग। (संवाद) - फोटो : GONDA
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धानेपुर (गोंडा)। चकबंदी विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार ने मंगलवार को एक बुजुर्ग किसान की जान ले ली। आरोप है कि चकबंदी विभाग के एसीओ ने बगैर सहमति के एक किसान की सड़क किनारे की बेशकीमती जमीन को बदलकर दूसरे के नाम दर्ज करा दिया था। चार दिन पहले जब किसान इसकी शिकायत लेकर पहुंचा तो वहां मौजूद चकबंदी एसीओ ने खतौनी ठीक कराने के बदले 10 हजार की डिमांड कर दी। परिवारजनों का कहना है कि रिश्वत का पैसा न जुटा पाने के सदमे से ही मंगलवार को उसकी मौत हो गयी। इससे आक्रोशित परिजनों व ग्रामीणों ने जमकर हंगामा काटा और चकबंदी विभाग के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दफ्तर के बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया। संचित की पत्नी चंद्रावती ने एसीओ पर घूसखोरी का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाने पर एक तहरीर भी दी है।
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धानेपुर क्षेत्र थाना क्षेत्र के माधवगंज गांव के मजरे टहलुवनपुरवा के रहने वाले संचित(65) की गांव में पुश्तैनी जमीन है। सड़क किनारे की जमीन होने के कारण इसकी कीमत अधिक है। आरोप है कि चकबंदी विभाग के सहायक चकबंदी अधिकारी (एसीओ) गया प्रसाद वर्मा ने जानबूझकर संचित की जमीन को गांव के ही दूसरे व्यक्ति के नाम कर दिया। जमीन बदलने की नोटिस जारी होने पर संचित को इसकी जानकारी हुई तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। आपत्ति दर्ज कराने के लिए चार दिन पहले बुजुर्ग अपनी फरियाद लेकर सहायक चकबंदी दफ्तर गया तो वहां उसकी शिकायत का निस्तारण कराने के बदले मौजूद एसीओ ने दस हजार की राशि देने को कहा। बुर्जुग ने पड़ोसी कुछ रकम उधार लेकर एसीओ को दिया। मगर चकबंदी अधिकारी दस हजार लेने पर अड़ा रहा। इसे लेकर ही बीते कुछ दिनों से बुजुर्ग संचित अवसाद में थे।
परिवारजनों का कहना है कि रिश्वत में मांगी गयी रकम न जुटा पाने और पुश्तैनी जमीन हाथ से चले जाने का सदमा बर्दाश्त न कर पाने के कारण ही मंगलवार को उनकी मौत हो गई। संचित की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने गांव के लोगों के साथ जमकर हंगामा काटा और संचित का शव ले जाकर सहायक चकबंदी दफ्तर पर रख दिया। परिजनों ने एसीओ पर घूसखोरी का आरोप लगा नारेबाजी की और प्रदर्शन किया। धानेपुर पुलिस गुस्साए लोगों को समझाने में जुटी रही। करीब सात घंटे तक चले इस हंगामे के बाद एसओ शेषमणि पांडेय ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए लोगों को शांत कराया। संचित की पत्नी ने एसीओ पर घूसखोरी का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाने पर तहरीर दी है। थानाध्यक्ष शेषमणि पांडेय का कहना है कि शव का पंचनामा कराने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज कर मामले की जांच की जा रही है।
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एसीओ गया प्रसाद का विवादों से पुराना नाता
धानेपुर। सहायक चकबंदी कार्यालय धानेपुर में तैनात एसीओ गया प्रसाद वर्मा पर घूसखोरी का आरोप कोई नया नहीं है। इसके पहले भी कई बार रिश्वत की मांग को लेकर वह किसानों के निशाने पर आ चुके हैं। वैसे तो इस कार्यालय में कार्यरत कई कर्मचारी गड़बड़ी के आरोपों के घेरे में हैं लेकिन इनमें एसीओ को पहले स्थान पर बताया जाता है। किसानों का कहना है कि पूरे क्षेत्र में एसीओ अपनी मनमानी कार्यप्रणाली से किसान की सहमति लिए बिना ही उनके चक को दूसरे के नाम कर पहले विवाद खड़ा करते हैं फिर मोटी रकम लेकर इस निस्तारित कराने का खेल करते हैं।
-मैं संचित नाम के किसी बुजुर्ग व्यक्ति को न तो जानता हूं न और न ही पहचानता हूं। दफ्तर में कई किसान रोज आते जाते हैं। हो सकता है कि किसी के चक को बनाने में कोई त्रुटि हो गई हो लेकिन इसके बदले रिश्वत की रकम मांगने का आरोप पूरी तरह गलत और निराधार है।
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-गया प्रसाद वर्मा, एसीओ, धानेपुर
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