गोंडा। जिले के थाना खरगूपुर क्षेत्र के एक गांव की किशोरी के साथ दुष्कर्म के आठ साल पुराने मुकदमे में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने एक अभियुक्त को 14 वर्ष का कारावास और 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। इसी मामले में छह अन्य अभियुक्तों को साक्ष्य के अभाव में न्यायालय ने बरी कर दिया है।
पॉक्सो एक्ट के विशेष लोक अभियोजक अशोक कुमार सिंह, सुनील कुमार मिश्र व अनूप प्रताप सिंह के अनुसार, थाना खरगूपुर क्षेत्र के रहने वाले एक व्यक्ति ने थाने में तहरीर देकर कहा कि नौ जून 2014 को उसकी 15 वर्षीय पुत्री सहेली से मिलने गई थी। शाम तक वापस नहीं आई। काफी पता लगाने पर उसका पता नहीं चला। लड़की को विपक्षी अली अकबर आदि बहला फुसलाकर से भगा ले गए। वादी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर खरगूपुर पुलिस ने विवेचना की और अभियुक्त अली अकबर पुत्र अब्दुल रहीम, अब्दुल मुनाक पुत्र इद्रीश, अहमद हसन पुत्र तकदीर अहमद निवासी कोट बाजार थाना पयागपुर बहराइच, मो. शमीम व रिजवान पुत्र इद्रीस निवासी चिकवा बधिया कस्बा व थाना खरगूपुर जिला गोंडा व इरशाद पुत्र इशहाक निवासी इकौना बाजार थाना इकौना जनपद श्रावस्ती समेत सात आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
विचारण के दौरान न्यायालय ने अभियुक्त अली अकबर के विरुद्ध किशोरी को भगा ले जाने, उसके साथ दुष्कर्म का पुख्ता सबूत मिलने पर दोषसिद्ध किया। मामले में निर्णय देते हुए अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट चन्द्र मोहन चतुर्वेदी ने अभियुक्त अली अकबर को किशोरी से दुष्कर्म के अपराध में 14 साल का कारावास व 15 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। इसी मामले में छह अन्य अभियुक्तों को न्यायालय ने पुख्ता साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त किया है।