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आत्महत्या को उकसाने में शिक्षक को आजीवन कारावास

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गोंडा। सात साल पहले नगर के एक प्रतिष्ठित कॉलेज के शिक्षकों द्वारा लैंगिक उत्पीड़न से परेशान छात्रा के आत्महत्या प्रकरण में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने नाबालिग को आत्महत्या के लिए उत्प्रेरित करने के आरोपी अभियुक्त शिक्षक को आजीवन कारावास और 50 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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पॉक्सो एक्ट के विशेष अभियोजक सुनील कुमार मिश्रा के अनुसार, साल 2015 में नगर कोतवाली क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित कॉलेज में आवास विकास कॉलोनी निवासी एक अवयस्क छात्रा ने दो शिक्षकों पर मोबाइल चैटिंग व एसएमएस के माध्यम से अश्लील हरकत व लैंगिक उत्पीड़न का आरोप लगाकर आग लगाकर आत्महत्या कर ली थी। छात्रा के पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर कोतवाली पुलिस ने विवेचना की और आवास विकास कॉलोनी निवासी शिक्षक दीपक फर्नाण्डो व पटेल नगर निवासी शिक्षक आफताब अहमद के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया।
विचारण के दौरान न्यायालय ने अभियुक्त शिक्षक दीपक फर्नाण्डो के विरुद्ध अश्लील हरकत व बालकों का संरक्षण अधिनियिम 2012 (पॉक्सो एक्ट) का पुख्ता सबूत मिलने पर दोष सिद्ध किया। शनिवार को निर्णय देते हुए अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट चंद्रमोहन चतुर्वेदी ने अभियुक्त दीपक फर्नाण्डो को अश्लील हरकत कर लैंगिक उत्पीड़न के मामले में आजीवन कारावास और 50 हजार का अर्थदंड तथा पॉक्सो एक्ट के अपराध में सात वर्ष का कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। जबकि, दूसरे अभियुक्त आफताब अहमद को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया है।
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