गोंडा। रिश्ते में फुफेरे भाई के घर में घुस कर लूट करने और उसकी हत्या करने के 26 साल पुराने मामले मेें अपर सत्र न्यायाधीश सप्तम ने आरोपी को आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने अधिरोपित जुर्माने की कुल धनराशि में से 75 फीसदी मृतक के पिता को मानसिक क्षतिपूर्ति के रुप में अदा करने का आदेश दिया है।
मंगलवार को अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ओम प्रकाश शुक्ला व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अभिनव चतुर्वेदी ने बताया कि ग्राम बेलवा सम्मय टेपरा मौजा सकरौरा देहात के राम बहादुर ने 14 दिसंबर 1996 को कोतवाली कर्नलगंज में तहरीर देकर कहा कि उसके साले राम चंदर और उनके लड़के प्रधान यादव ने घर के सामने स्थित उसका एक बीघा खेत कब्जा कर लिया। प्रधान यादव ने उसे व उसके लड़के श्रीचंद को जान से मारने की धमकी दी थी। रात करीब दो बजे प्रधान व तीन अन्य ने घर में घुस कर लूटपाट किया। उसके बेटे को प्रधान ने पीछे से गोली मार दी, जो उसके पीठ में लगी। इलाज के दौरान श्रीचंद की मृत्यु हो गई।
मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने विवेचना की। इस दौरान नेे अभियुक्त के विरुद्ध हत्या व लूट का पुख्ता सबूत मिलने पर उसे दोष सिद्ध किया। मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश सप्तम डॉ. दीनानाथ तृतीय ने प्रधान यादव को हत्या के अपराध में आजीवन कारावास 10 हजार अर्थदंड व लूट के अपराध में दस साल सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। संवाद