गोंडा। जिले के 14 पीएमश्री व 196 को लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्री-प्राइमरी के बच्चों को पढ़ाने के लिए चल रही ईसीसीई एजुकेटर चयन प्रक्रिया की दो दिनों की काउंसिलिंग प्रक्रिया पूरी हो गई। इसमें कुल 210 पदों के लिए 922 अभ्यर्थियों ने प्रतिभाग किया। 597 अभ्यर्थी काउंसिलिंग में शामिल नहीं हुए, इन्हें दूसरा मौका देने की तैयारी चल रही है।
पिछले कई महीनों से जिले में सेवा प्रदाता के माध्यम से ईसीसीई एजुकेटर की चयन प्रक्रिया चल रही है। मगर निष्पक्ष व पारदर्शी तरीके से चयन प्रक्रिया पूरी नहीं सकी थी। ऐसे में चयन समिति के अध्यक्ष एडीएम आलोक कुमार ने बीएसए कार्यालय व लखनऊ में सेवा प्रदाता फर्म की ओर से कराई गई प्रक्रिया को रद्द करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में जलशक्ति केंद्र हॉल में काउंसिलिंग कराने का फैसला लिया।
इसमें मंगलवार व बुधवार को दो दिनों में चरणबद्ध तरीके से सभी अभ्यर्थियों को अपने दस्तावेजों के सत्यापन का मौका दिया गया था। पहले दिन 800 में से 407 अभ्यर्थियों ने काउंसिलिंग कराई। जबकि दूसरे दिन 515 लोगों ने पहुंचकर काउंसिलिंग प्रक्रिया में प्रतिभाग किया। जिला समन्वयक (सामुदायिक शिक्षा) प्रेम शंकर मिश्र ने बताया कि दो दिनों में कुल 922 अभ्यर्थियों ने प्रतिभाग किया। उनके मूल दस्तावेजों से मिलान किया गया। इस दौरान एडी (बेसिक) राम सागर पति त्रिपाठी, एडीएम आलोक कुमार, बीएसए अतुल तिवारी समेत अन्य मौजूद रहे।
चार से अधिक अभ्यर्थियों ने कराई काउंसिलिंग
अधिकारियों ने बताया कि काउंसिलिंग प्रक्रिया के बाद सभी अभ्यार्थियों की मेरिट जारी की जाएगी। जिसके आधार पर चयन किया जाएगा। वहीं काउंसिलिंग प्रक्रिया में एक पद पर चार से अधिक उम्मीदवारों ने काउंसिलिंग कराई है। एडीएम आलोक कुमार ने बताया कि छूटे अभ्यर्थियों को एक और मौका दिया जाएगा। इसके लिए जल्द ही तिथि का ऐलान होगा।
अभ्यर्थियों की उमड़ी भीड़, पूरी हुई काउंसिलिंग
दो दिनों की काउंसिलिंग प्रक्रिया में जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में अभ्यर्थियों की भारी भीड़ रही है। वहीं, प्रशासन के लिए पारदर्शी तरीके से चयन प्रक्रिया पूरी करना चुनौती है। इस बार भी बीएसए कार्यालय के कर्मचारियों ने ही दस्तावेजों का सत्यापन किया गया है।