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गोंडा में बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन चौकन्ना, चौकियां स्थापित करने का दिया आदेश

Wed, 24 Jun 2020 06:38 PM IST
लखनऊ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोंडा
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है। तरबगंज और करनैलगंज क्षेत्र में 24 बाढ़ चौकियों को स्थापित कर उन्हें अलर्ट रहने को कहा गया है। मंगलवार को जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल ने कलेक्ट्रेट सभागार में आपदा प्रबंधन की बैठक कर रणनीति तैयार की। तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वह बाढ़ के दौरान अपने-अपने विभागों से संबंधित सभी तैयारियां पूरी कर लें।

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जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तत्काल प्रभाव से सभी बाढ़ चैकियों को सक्रिय कर दिया जाए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र कर्नलगंज में 10 व तरबगंज तहसील में 14 बाढ़ चैकियां हैं जिन्हें सक्रिय कर दिया गया है। अपर जिलाधिकारी राकेश सिंह ने बताया कि आपदा से संबंधित मॉनिटरिंग के लिए बाढ़ प्रभावित 857 मजरों में वॉलिंटियर्स की तैनाती करते हुए उन्हें प्रशिक्षण दिया गया है। साथ ही व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से सूचनाओं का आदान-प्रदान शुरू कर दिया गया।

जिलाधिकारी ने सीएमओ को निर्देश दिए कि संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सर्पदंश सहित अन्य सभी आवश्यक औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित कराएं। जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि वे सभी बाढ़ प्रभावित गांवों में एंटी लार्वा का छिड़काव करा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी निर्देश दिए गए की दोनों तहसीलों के बाढ़ प्रभावित गांव में पशुओं का टीकाकरण कराकर सूचित करें। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा बताया गया कि बाढ़ संभावित दोनों तहसीलों में 90 हजार पशुओं का सर्वे कराया गया है, जिनका टीकाकरण कराया जा रहा है।
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उन्होंने सीवीओ को निर्देश दिए कि वे पशुओं की संख्या के अनुसार भूसे आदि का प्रबंध अभी से कर लें। बैठक में अपर जिलाधिकारी राकेश सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक महेंद्र कुमार, सीएमओ डॉ. मधु गैरोला, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, एक्सईएन बाढ़ खंड बीएन शुक्ला, जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव, आपदा लिपिक कृष्ण गोपाल तिवारी व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

तैयारी बैठक में जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित गांव नकहरा व चंदापुर किटौली के संभावित बाढ़ प्रभावितों के लिए अभी से सुरक्षित स्थान का चयन कर लिया जाएं और आपदा प्रबंधन से संबंधित सभी तैयारियां पूर्ण करा ली जाएं। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि बाढ़ संबंधित तैयारियों का सर्वे करा लें ताकि संभावित आपदा के पूर्व उनसे निपटने की तैयारी की जा सके।

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