शहीदे आजम सरदार भगत सिंह इंटर कॉलेज में कथा में मौजूद श्रोता। स्रोत: आयोजक
गोंडा। वर्तमान व्यवस्था में सनातन धर्म के साथ षड्यंत्र हो रहा है। यह बात उज्जैन स्थित महाकालेश्वर पीठाधीश्वर स्वामी प्रणवपुरी महाराज ने कही। शहीदे आजम सरदार भगत सिंह इंटर काॅलेज के प्रांगण में आयोजित रामकथा में शनिवार को उन्होंने कहा कि आज ऐसी स्थिति बन रही है कि किसी को अति सुंदर जैसे शब्द कहने पर भी कठिनाई हो सकती है।
स्वामी प्रणवपुरी महाराज ने रामकथा के प्रसंग में सीता और हनुमान के बीच हुए संवाद का उल्लेख किया। ‘हरिजन जान प्रीति अति गाढ़ी’ की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि रावण की प्रताड़ना से अशोक वाटिका में सीता दुखी थीं। उसी समय हनुमान ने उनके सामने श्रीराम नाम लिखी अंगूठी गिराई। परिचय मिलने पर सीता ने उन्हें हरिजन अर्थात राम का भक्त मानकर आशीर्वाद दिया। प्रणवपुरी महाराज ने कहा कि आज यदि इस शब्द का प्रयोग किया जाए तो मुकदमे की स्थिति बन सकती है। उन्होंने सनातन धर्म के विरुद्ध सुनियोजित साजिश का आरोप लगाया। कहा कि कुछ शब्दों को लेकर दोहरा मापदंड अपनाया जा रहा है। उदाहरण देते हुए उन्होंने पोंगा पंडित, मुल्ला की दौड़ मस्जिद तक और ईद का चांद जैसे कथनों का उल्लेख किया और सवाल उठाया कि प्रतीक्षा और मूर्खता से जुड़े उदाहरणों में केवल एक पक्ष को ही क्यों जोड़ा जाता है।