मेडिकल कॉलेज में दवाओं की उपलब्धता के बारे में जानकारी लेते प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. संतोष कुमार
गोंडा। मेडिकल कॉलेज में करीब डेढ़ महीने से चल रहा दवाओं का संकट अब खत्म होने की उम्मीद है। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पताल में दवाओं की खेप पहुंचने से मरीजों को राहत मिलने की संभावना है। मेडिकल कॉलेज के प्रभारी प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. संतोष कुमार वर्मा ने दवा वितरण व्यवस्था दुरुस्त रखने और मरीजों को सभी जरूरी दवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
दवाओं की कमी के कारण मरीजों को बाहर की मेडिकल दुकानों से दवाएं खरीदनी पड़ रही थीं। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को अधिक परेशानी हो रही थी। एंटीबायोटिक, दर्द निवारक समेत कई जरूरी दवाओं की कमी से उपचार व्यवस्था प्रभावित थी। इसका असर ओपीडी पर भी पड़ा। पहले जहां प्रतिदिन करीब 2000 मरीज पहुंचते थे, वहीं यह संख्या घटकर लगभग 1200 रह गई थी।
प्रधानाचार्य ने बताया कि लगातार पत्राचार के बाद शासन से बजट मिला। इसके बाद कॉर्पोरेशन से दवाएं मिल गई हैं। सीएमएस को गुणवत्तापूर्ण उपचार और मरीजों की शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। (संवाद)