गोंडा। चार वर्ष तक अपने घर से सार्वजनिक मार्ग तक पहुंचने के लिए दूसरे के खेतों का सहारा लेने को मजबूर एक गरीब परिवार को आखिरकार न्याय मिल गया। मंडलायुक्त के हस्तक्षेप से बंद पड़ा पुश्तैनी रास्ता खुलने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली। मंगलवार को पूरे परिवार ने मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल से मिलकर उनका आभार भी व्यक्त किया।
सदर तहसील क्षेत्र के सुरतीपुरवा निवासी भवानीभीख गुप्ता ने कुछ माह पूर्व मंडलायुक्त को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की थी कि गांव के कुछ लोगों ने उनके पुश्तैनी रास्ते को करीब चार वर्षों से जबरन बंद कर रखा है। इसके कारण परिवार के सामने घर से बाहर निकलने में परेशानी उठाना पड़ती है।
इस परेशानी से छुटकारे के लिए थाना दिवस, तहसील दिवस सहित कई अधिकारियों के समक्ष गुहार लगाई गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद पीड़ित परिवार ने मंडलायुक्त के समक्ष न्याय की गुहार लगाई थी।
मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को बंद रास्ता खुलवाने के लिए निर्देशित किया। जिसके बाद अधिकारियों ने बंद रास्ते को खुलवाकर आवागमन सुचारु कराया। मंगलवार को भवानीभीख परिजनों के साथ मंडलायुक्त से मिलने पहुंचे। परिवार ने उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया। (संवाद)