दुर्घटना में घायल सफाई कर्मचारी की मौत से गुस्साए पांच दर्जन सफाईकर्मियों ने गुरुवार को सीएचसी करनैलगंज के बाहर शव रखकर हंगामा किया और एसडीएम, सीओ के साथ धक्का-मुक्की भी की। पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह ने गुस्साए सफाईकर्मियों को शांत कराया और उनकी समस्याओं को लेकर डीएम से भी बात की। इस पर डीएम आशुतोष निरंजन ने मृतक कर्मचारी की पत्नी को नौकरी देने के साथ ही उसका बकाया मानदेय जल्द दिलाने का आश्वासन दिया। तब जाकर कहीं तीन घंटे बाद सफाईकर्मियों का गुस्सा शांत हुआ।
करनैलगंज-परसपुर मार्ग पर ग्राम चकरौत के निकट परसपुर की ओर से आ रही मोटरसाइकिल को कार ने गुरुवार को टक्कर मार दी। मोटरसाइकिल दिनारी गांव का रहने वाला सफाईकर्मी सर्वेशकुमार (30) चला रहा था, जो टक्कर लगने के बाद खंती में जा गिरा और उसके सिर में गंभीर चोटें आ गईं। जब उसे साथी सफाईकर्मी सीएचसी करनैलगंज लाए तो पता चला कि उसकी मौत हो चुकी है।
इसकी सूचना जैसे ही अन्य सफाईकर्मियों को मिली कि करीब पांच दर्जन सफाईकर्मी सीएचसी करनैलगंज पहुंच गए और उन्होंने शव को सीएचसी के गेट पर लाकर रख दिया और डीपीआरओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगे।
एसडीएम अनिल कुमार मिश्र व सीओ सबीहुल हम्द पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने जब सफाईकर्मियों को समझाने का प्रयास किया तो वह भड़के उठे और उन्होंने एसडीएम व सीओ के साथ धक्का-मुक्की भी की।
सफाईकर्मियों का कहना था कि ग्राम दिनारी में प्रमुख सचिव का निरीक्षण होने वाला है वहंा सफाई के लिए गलत तरीके से दूसरे गांवों में तैनात कर्मचारियों को सुबह ही दिनारी गांव पहुंचने का फरमान सुनाया गया। जबकि मृतक सफाई कर्मी का करीब 15 माह का वेतन डीपीआरओ स्तर से भुगतान नहीं किया जा रहा है। जिससे वह काफी परेशान था, इसके लिए डीपीआरओ ही दोषी हैं।
सफाई कर्मियों ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ अस्पताल परिसर में धक्का-मुक्की के बाद शव ले जाकर गोंडा-लखनऊ रोड जाम करने की भी कोशिश की। हंगामे की बात करनैलगंज के विधायक व पूर्व मंत्री योगेश प्रताप को पता चली तो वह भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने कर्मचारियों को समझाया और इस संबंध में डीएम से भी बात की। जिस पर डीएम ने मृतक सफाईकर्मी की पत्नी को जल्द ही नौकरी दिलाने व बकाया मानदेय दिलाने का आश्वासन दिया।