गोंडा। अधिकारियों के आदेशों के बावजूद वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय शिफ्ट नहीं होने का मामला गरमा गया है। शिक्षकों ने शासन स्तर के अधिकारियों से गुहार लगाई है। आरोप लगाया कि स्कूल भवन में वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय संचालित होने से बच्चों का पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। वहीं, पेंशनर को दूसरी मंजिल पर चढ़ने में मुश्किल हो रही है।
दरअसल, वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय को बीएसए कार्यालय में शिफ्ट करने की मांग चल रही है। पिछले दिनों डीएम नेहा शर्मा, सीडीओ और एडी बेसिक राम सागर पति त्रिपाठी व बीएसए अतुल कुमार तिवारी ने वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय शिफ्ट करने के आदेश दिए। मगर वित्त लेखाधिकारी व बाबुओं की मनमानी के चलते कार्यालय शिफ्ट नहीं किया गया।
11 जून को गोरखपुर-फैजाबाद स्नातक निर्वाचन विधान परिषद सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह ने अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की। इतना ही नहीं, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार तिवारी ने बताया कि स्कूल भवन में वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय संचालित होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। वहीं, बुजुर्ग पेंशनर को दूसरी मंजिल पर चढ़ने व उतरने में मुश्किल होती है। इसके बावजूद वित्त एवं लेखाधिकारी स्कूल के भवन को खाली नहीं कर रहे हैं।
एडी बेसिक राम सागर पति त्रिपाठी का कहना है कि वित्त एवं लेखाधिकारी से इस संबंध में बातचीत हुई है। बीएसए कार्यालय भवन में जल्द ही वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय शिफ्ट होगा।
दो वर्षों से अफसरों ने जारी किए आदेश
वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय को विकास भवन में शिफ्ट करने के लिए तत्कालीन सीडीओ एम. अरुन्मोली ने आदेश दिया। मगर वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय के अधिकारियों ने गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद से अधिकारी लगातार आदेश दे रहे हैं मगर उस पर अमल नहीं हो रहा है।