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Gonda News: जर्जर मकान में बंद मिला मेडिकल कॉलेज से लापता मासूम

Fri, 28 Feb 2025 11:59 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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मेडिकल कॉलेज में मां के गोद में सोया मासूम अ​भिनव। -संवाद
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गोंडा। मेडिकल कॉलेज से बृहस्पतिवार को लापता हुआ मासूम अभिनव (3) शुक्रवार को नगर कोतवाली क्षेत्र के केशवपुर पहड़वा के जर्जर मकान में बंद मिला। रोने की आवाज सुनकर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। वहां पहुंची पुलिस ने बच्चे को अपने संरक्षण में लेकर स्वास्थ्य परीक्षण के बाद मां के सुपुर्द किया तो राधिका के आंखों में खुशी के आंसू छलक उठे। उसने बेटे को कलेजे से लगा लिया।
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तरबगंज के सिंगहाचंदा (खाले दुबरा) स्थित मायके से बृहस्पतिवार को राधिका अपने तीन साल के बेटे अभिनव को लेकर गांव के रामदेव की बेटी पुष्पा (16) का इलाज कराने मेडिकल कॉलेज गोंडा आईं थीं। शाम करीब छह बजे इमरजेंसी में पहले से मौजूद अज्ञात युवक ने पहले दुलराने की कोशिश की। कुछ ही मिनट में अभिनव को लेकर ओझल हो गया। मां बच्चे की तलाश के लिए दौड़ी मगर तब तक आरोपी वहां से भाग निकला।

पीड़िता ने पुलिस से शिकायत की तो खलबली मच गई। एसपी विनीत जायसवाल ने तलाश के लिए नगर कोतवाली के साथ ही सर्विलांस और एसओजी टीम को लगाया। एसएसपी (पश्चिमी) मनोज रावत और सीओ आनंद राय की अगुवाई में सीसीटीवी फुटेज खंगाला गया तो एक युवक बच्चे को ले जाता दिखाई दिया। इसी बीच शुक्रवार की दोपहर केशवपुर पहड़वा के ग्रामीणों ने पुलिस कंट्रोल रूम को फोन करके एक खंडहर के मकान से बच्चे के रोने की आवाज आने की सूचना दी। प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार मिश्र ने बताया कि केशवपुर पहड़वा के एक जर्जर मकान में मासूम मिला है। आरोपी की शिनाख्त कर ली गई है।एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि आरोपी जल्द ही पकड़ा जाएगा।
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एक महीने पहले घर लौटी थीं राधिका

तरबगंज (गोंडा)। वजीरगंज के लोहसा बाबाकुटी निवासी संदीप पत्नी राधिका व बेटी अनन्या (5) और बेटे अभिनव (3) के साथ लुधियाना में रहते हैं। एक महीने पहले उनकी पत्नी बच्चों को लेकर गांव लौटीं थीं। साथ ही मायके में रह रहीं थीं। खांसी व बुखार से पीड़ित पुष्पा को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज ले गईं थीं। राधिका के छोटे भाई अंकित ने बताया कि संदीप की लुधियाना में फुटवेयर की दुकान है।

सुरक्षागार्ड हैं नहीं, चौकीदार भी लापरवाह

गोंडा। महाराजा देवीबख्श सिंह चिकित्सा महाविद्यालय के इमरजेंसी से बृहस्पतिवार शाम को तीन वर्षीय अभिनव के लापता होने के बाद से ही मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अस्पताल में तैनात सुरक्षा गार्डों को दो महीने पहले हटा दिया गया है। वहीं चौकीदारों से लिपिकों के सहायक व अन्य कार्य लिए जा रहे हैं। ऐसे में अस्पताल की सुरक्षा भगवान भरोसे चल रही है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत एक निजी संस्था की ओर से सुरक्षागार्डों की नियुक्ति की गई थी। जिसमें अस्पताल की सुरक्षा में 17 गार्ड लगाए गए थे। शासन की ओर से पूर्व सैनिकों को बतौर सुरक्षागार्ड रखने का निर्देश मिलने के बाद निजी संस्था के गार्डों की सेवा समाप्त कर दी गई थी। वहीं अस्पताल में चौकीदार के 13 पदों पर कर्मियों की तैनाती है, लेकिन इनके दूसरा कार्य लिया जा रहा है। एक चौकीदार लिपिक के कंप्यूटर ऑपरेटर का कार्य कर रहा है। जबकि एक चौकीदार स्टोर में सहायक की भूमिका में काम कर रहा है। बच्चे के लापता होने के बाद भी शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज में सुरक्षा को लेकर लापरवाही दिखी।


मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने बताया कि अस्पताल की सुरक्षा में अगले सप्ताह तक पूर्व सैनिकों की तैनाती कर दी जाएगी। एजेंसी की ओर से भर्ती प्रक्रिया चल रही है। अस्पताल में लगे 47 कैमरों में 32 कैमरे संचालित है।
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