गोंडा। जिले की चारों तहसीलों में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय का निर्माण होगा। इन विद्यालयों में एक ही छत के नीचे प्री प्राइमरी से कक्षा 12 तक के बच्चों को पढ़ाई की सुविधा दी जाएगी। सदर तहसील के दुल्लापुर खालसा में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय के निर्माण के लिए जरूरी प्रक्रिया के साथ ही बजट का इंतजार किया जा रहा है। तीन अन्य तहसीलों में विद्यालय निर्माण के लिए पांच से 10 एकड़ जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है।
नई शिक्षा नीति के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय में करीब 1500 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई के लिए बेहतर सुविधा होगी। इसके लिए प्रत्येक विद्यालय में 30 कक्षा कक्ष बनवाए जाएंगे। डिजिटल एजुकेशन प्लेटफार्म, डिजिटल लर्निंग के माध्यम से गुणवत्ता परक शिक्षा के लिए स्मार्ट क्लास, डिजिटल उपकरणों की व्यवस्था के साथ ही अत्याधुनिक विज्ञान प्रयोगशाला, कंम्प्यूटर लैब, डिजिटल लाइब्रेरी आदि संसाधनों की व्यवस्था की जाएगी।
कक्षा 11 और 12 के बच्चों के लिए विज्ञान, कला और वाणिज्य विषय की अलग-अलग कक्षाएं संचालित करने की व्यवस्था की जाएगी। खेल मैदान व कौशल विकास की सुविधा के साथ ही विद्यार्थियों को आधुनिकतम शैक्षणिक परिवेश मिलेगा। बीएसए अतुल कुमार तिवारी ने बताया कि शासन के मंशा के अनुरूप जमीन उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन से पत्राचार किया गया है। साथ ही निर्माण के लिए जरूरी कवायद की जाएगी।
जिला समन्वयक (निर्माण) विद्याभूषण मिश्र ने बताया कि जिले की चारों तहसीलों में एक-एक मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट स्कूल बनाया जाएगा। सदर तहसील के दुल्लापुर खालसा में विद्यालय निर्माण के लिए जमीन चिह्नित करने के साथ ही राजकीय निर्माण निगम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। संबंधित फर्म की ओर से सर्वे के साथ ही आगणन तैयार किया जा रहा है। जल्द ही निर्माण शुरू हो जाएगा। करनैलगंज, तरबगंज और मनकापुर तहसील में विद्यालय निर्माण के लिए जमीन की तलाश की जा रही है।
स्कूल के पहुंच मार्ग का रखा जाएगा ध्यान
अधिकारियों ने बताया कि स्कूल निर्माण के लिए हाईवे व प्रमुख मार्गों के आसपास ही विद्यालय निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी। ताकि तहसील स्तर पर विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा मिल सके। विद्यालय निर्माण के लिए न्यूनतम पांच और अधिकतम 10 एकड़ भूमि की जरूरत होगी।