जिले में बसे पूर्वांचल व बिहार के लोगों में छठ महाव्रत को लेकर खासा उत्साह है। चार दिवसीय छठ व्रत शुक्रवार को नहाय-खाय से शुरू होगा। महिलाएं स्नान के साथ कद्दू-भात खाकर चार दिवसीय व्रत की शुरुआत करेंगी। शनिवार को खरना है। रविवार को महिलाएं पुत्रों के साथ कमर भर पानी में खड़ी होकर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगी। सोमवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ व्रत का पारण करेंगी। इस दौरान छठ माता को 36 प्रकार के फल चढ़ाने को लेकर गुरुवार को फलों की दुकानों पर भीड़ रही।
दीपावली से ही डाला छठ की तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। व्रत रखने वाले महिलाएं व पुरुष पोखरे के किनारे पूजा करने व अर्घ्य देने का स्थान आरक्षित करने में जुटे हैं। बाजारों में पूजन सामग्रियों की दुकानें नहीं सजी हैं लेकिन व्रत रखने वाले लोगों के घरों में त्यौहार को लेकर चहल-पहल दिख रही है। व्रत रखने के इच्छुक लोग दूरदराज से अपने घरों में पहुंच रहे हैं। छठ पर्व की वजह से लखनऊ से गोंडा आने वाली ट्रेनों में काफी भीड़ दिख रही है।
खैरा मंदिर के महंत कैलाशनरायन गिरि ने बताया कि कल पोखरे की सफाई कराई जाएगी। साथ ही छठ पर्व पर जागरण भी कराया जाएगा। श्रद्धालु गुरुवार से ही खैरा पोखरे व पीएसी लाइन स्थित पोखरे के किनारे पूजा व अघ्र्य देने का स्थान आरक्षित करने में जुट गए है। नगर पालिका की तरफ से छठ पर्व को देखते हुए अभी तक कोई पहल नहीं की गई है। इस पर्व में उपयोग होने वाले पूजन सामग्री दुकानदारों के यहां पहुंच गई है।
कल से दुकानदार इनकी बिक्री शुरू करेंगे। दुकानदार मो. सलीम ने बताया कि शुक्रवार से छठ पूजन के सामानों की अलग से दुकानें लग जाएंगी। छठ पर्व का पूजन करने वाली राधिका देवी ने बताया कि छह नवंबर की शाम को अस्त होते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। दूसरे दिन सात नवंबर उगते हुए सर्य को अर्घ्य देकर व्रत का समापन किया जाएगा।