परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों ने सरकार से राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग की है। रविवार को शहर के सुभाषनगर में मिड-डे मील रसोइया कर्मचारी यूनियन के बैनर तले आयोजित जिला सम्मेलन में अपने अधिकारों को लेकर रसोइयों ने हुंकार भरी और चेतावनी दी कि अगर किसी भी रसोइया को हटाया गया तो यूनियन आरपार की लड़ाई लडे़गी।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए यूनियन की प्रांतीय मंत्री उर्मिला देवी ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार रसोइयों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। रसोइयों को मनरेगा मजदूरों से भी कम मजदूरी दी जा रही है। उन्होंने सरकार से रसोइयों को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग की।
स्कीम वर्कर यूनियन के संयोजक कामरेड दिलीप शुक्ला ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों को विद्यालय के शिक्षक बिना किसी कारण के निकालने की धमकी दे रहे हैं, जिसे यूनियन कतई बर्दाश्त नहीं करेगी और इस मुद्दे को लेकर यूनियन का प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मिलेगा।
कर्मचारी नेता कामरेड सत्य नरायन तिवारी ने कहा कि संविदा कर्मचारी संगठित होकर समान वेतनमान लेकर रहेंगे। शिक्षामित्र संगठन के नेता शिवकुमार शुक्ल ने कहा कि अगर किसी भी विद्यालय की रसोइया को अकारण हटाया जाता है तो यूनियन आंदोलन करेगी। सम्मेलन को सीटू नेता कौशलेंद्र पांडेय, एसपी मिश्र, मीनाक्षी खरे आदि ने भी संबोधित किया।