गोंडा। जिले में होने वाले पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूची को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने की कवायद तेज हो गई है। मतदाता सूची में संभावित 10 लाख से अधिक डुप्लीकेट वोटरों की जांच और उनकी फीडिंग का कार्य एक साथ चलाया जाएगा। डीएम प्रियंका निरंजन ने तय समय में काम पूरा करने के लिए सभी एसडीएम और बीडीओ को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
ब्लॉक स्तर पर संभावित 3.63 लाख मतदाताओं में से 65 हजार मतदाता पहले ही डुप्लीकेट पाए जा चुके हैं। वहीं, जिला स्तर पर 10 लाख डुप्लीकेट मतदाताओं की पहचान की गई है। मतदाता सूची का हर तीसरा मतदाता संदिग्ध है, जिसके नाम, पिता का नाम या अन्य जानकारी अन्य मतदाताओं से मिलती-जुलती है।
डीएम प्रियंका निरंजन ने शुक्रवार को एसडीएम और बीडीओ के साथ समीक्षा बैठक की। इसमें अधिकारियों ने बताया कि संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं की जांच का कार्य शुरू हो चुका है। लगभग 25 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है। शेष मतदाताओं का सत्यापन भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नारायण ने बताया कि डुप्लीकेट मतदाताओं की फीडिंग का काम चल रहा है। ऐसे में समयबद्ध प्रक्रिया पूरी हो, इसके लिए जरूरी प्रयास किए जा रहे हैं। डीएम ने प्रक्रिया में तेजी लाने और जांच के साथ-साथ फीडिंग का कार्य भी साथ-साथ करने के निर्देश दिए हैं। यह सुनिश्चित करने के लिए कि प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी हो, मतदाताओं के आधार कार्ड के अंतिम चार अंक लेकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इससे मतदाता सूची में गड़बड़ी की गुंजाइश कम होगी।