कार्यक्रम में बोलते मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के सदस्य मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली
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मुस्लिम शरीयत के हिसाब से ही तलाक का निर्धारण सही है। उसमें जरा भी फेरबदल की जरूरत नहीं है। सदियों से चल रहे शरीयत के नियमों को बदलना पूरी तरह गलत होगा। यह बातें करनैलगंज में ईदगाह के शिलान्यास कार्यक्रम के अवसर पर मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के सदस्य मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने कहीं।
उन्होंने कहा कि यदि दोनों फरीक मुस्लिम हों और रिश्तों की वजह से बड़ी खराबी पैदा हो रही हो, तो दोनों अपने परिवार के बुजर्गाें के सामने मामले को रखें। फिर भी बात न बने तो पहली बार ही तलाक दें। एक माह तक रिश्ते को सुधारने का प्रयास करें। फिर भी बात न बने तो दूसरी व तीसरी तलाक दें। विषम परिस्थितियों में तीनाें तलाक एक साथ दिये जा सकते हैं, लेकिन ऐसा आवेश में आकर नहीं करना चाहिए।
तीसरा तरीका यह है कि उलमा के बुलाने पर यदि महिला का सौहर न आए तो उलमा की अनुमति लेकर वह अपने पसंद के व्यक्ति के साथ निकाह कर सकती है। ऐसे में महिलाओं के साथ नाइंसाफी कहां होती है। हमारे आपसी भाईचारा को देखकर उपद्रव कराने की बुनियाद अंग्रेजों ने डाली थी। दोनों समुदायों का लड़ाने का प्रयास किया था लेकिन फिरंगी महली उलमाओं ने फतवा जारी करके उनके नापाक इरादों को विफल कर दिया था।
क्षेत्रीय विधायक व पूर्व राज्यमंत्री योगेश प्रताप सिंह ने कहा। कि मोहर्रम व दुर्गा प्रतिमा विसर्जन में मेरी मध्यस्थता को लेकर कुछ लोग हमसे नाराज हैं। लेकिन हमें खुशी है कि हमारे दोनो त्योहार शांति पूर्वक संपन्न हो गए। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुफ्ती नेमातुल्ला व संचालन नपाप अध्यक्ष शमीम अहमद उर्फ अच्छन ने किया। इस मौके पर रशीद मीनाई, फहीम अहमद उर्फ पप्पू, शफीक राइनी, डीपी सिंह राठौर, जमील राइनी एवं जुबेर अहमद आदि मौजूद रहे।