गोंडा। मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर डीएम प्रियंका निरंजन के सख्त निर्देशों का शुक्रवार को असर दिखाई पड़ा। ओपीडी के बाहर मरीजों के लिए कुर्सियां लगाई गईं। साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर होने के साथ वार्डों में स्वास्थ्यकर्मी मुस्तैद रहे।
बीते 28 अगस्त को डीएम ने मेडिकल कॉलेज के औचक निरीक्षण किया था। परिसर में उन्हें हर कदम पर खामियां मिली थीं। डीएम ने मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए इमरजेंसी से नदारद स्टाफ नर्स को निलंबित करने की चेतावनी दी थी। जिसके बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने व्यवस्थाओं में सुधार का प्रयास किया। ओपीडी के बाहर मरीजों व तीमारदारों के बैठने की व्यवस्था की गई है। ज्यादा भीड़ वाली ओपीडी के बाहर सुरक्षागार्ड की ड्यूटी लगाई गई। दिन में चार बार सफाई की जा रही है। लगभग सभी वार्डों में नर्सिंग स्टाफ के साथ ही जूनियर रेजीडेंट भी मौजूद रहते हैं। मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. अनिल तिवारी ने बताया कि सभी डॉक्टरों व पैरामेडिकल कर्मियों को सख्त निर्देश दिया गया है कि समय से ड्यूटी पर पहुंचें। मरीजों को बाहर की दवाएं व जांच लिखने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। सभी डॉक्टर व स्टाफ पूरे ड्रेसकोड में ही अस्पताल आएं।