जिले के 3064 मजरों के विद्युतीकरण कराने का पूर्व में ठेका लेने वाली फर्म वैरीगेट के ब्लैक लिस्टेड होने के बाद फर्म के गोदाम का सत्यापन गुरुवार को पावर कॉर्पोरेशन तथा आरईसी की केंद्रीय टीम के अधिकारियों ने किया। इस दौरान संस्था द्वारा लिस्टेड किए गए सामानों की जांच की गई।
पावर कॉर्पोरेशन बलरामपुर के एक्सईएन मोतीलाल ने बताया कि गत वर्ष जिले के 3064 मजरों के विद्युतीकरण का ठेका वेरीगेट फर्म को दिया गया था। एक साल तक फर्म ने कोई काम नहीं किया तो विभाग के उच्चाधिकारियों ने फर्म को ब्लैक लिस्टेड कर दिया।
संस्था ने विद्युतीकरण के लिए जिले में जिला कारागार के निकट गोदाम बनाया था। गुरुवार को विभाग के उच्चाधिकारी तथा आरजीजीवीवाई व केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय के अधिकारियों की मौजूदगी में गोदाम में डंप किए गए उपकरणों का मिलान किया गया।
इस दौरान सभी सामान ठीक पाया गया। मौके पर आरईसी के अधिकारियों ने भी संस्था द्वारा गोदाम में लिस्टेड सामानों का मिलान किया। मिलान में सब कुछ ठीक मिला। हालांकि एक्सईएन जांच के लिए आए अधिकारियों का नाम नहीं बता सके।
एक्सईएन ने बताया कि मिलान के बाद जांच टीम के अधिकारी चले गए है। कंपनी को जिले में विद्युतीकरण के लिए जो पैसा दिया गया था, उसके हिसाब से सामान के मूल्यों का मिलान कर सूची तैयार की जा रही है। सामानों की कीमत के बारे में पूछने पर एक्सईएन ने बताया कि केवल सामानों की संख्या लिखी गई है। सामानों का मूल्य अंकित नहीं है।