करनैलगंज (गोंडा)। तहसीलदार करनैलगंज न्यायालय पर मुकदमे की पत्रावली से कागजात गायब करने के मामले में एक अधिवक्ता के विरुद्ध तहसीलदार के आदेश पर पुलिस ने गुरुवार को मुकदमा दर्ज किया है।
तहसीलदार न्यायालय के एमजे करन सिंह राना की तहरीर व तहसीलदार के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने अधिवक्ता राकेश तिवारी के विरुद्ध धारा 379 व 186 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। तहरीर में कहा गया है कि तहसीलदार न्यायालय पर धारा 34 का मुकदमा हरिनारायन बनाम रमेशचंद चल रहा था। जिसमें 29 अगस्त 019 को हरिनारायन के पक्ष में आदेश पारित हुआ। मुकदमे में रमेशचन्द आदि द्वारा वाजदायर दिया गया।
बुधवार को अधिवक्ता राकेश तिवारी ने पत्रावली मुआयना करने के लिये लिया। मुआयना के दौरान उनके द्वारा वाजदायर व कैवियट प्रार्थना पत्र पत्रावली से फाड़ लिया गया। शाम 6 बजे दबाव बनाने पर राकेश तिवारी द्वारा प्रार्थना पत्र वापस किया गया। कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। अधिवक्ता राकेश तिवारी ने बताया कि आरोप निराधार है। मुकदमे में फाइनल आदेश कर पत्रावली दाखिल दफ्तर करने का आदेश होने के बाद वाजदायर नहीं बल्कि अपीलीय न्यायालय पर अपील करने का प्रावधान है। मेरे मुअक्किल से लिये गये सुविधा शुल्क को वापस न करने की नीयत से यह साजिश रची गई है। उधर कोतवाल राजेश कुमार सिंह ने बताया कि तहसीलदार के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना कराई जा रही है।