गोंडा। सरकारी दस्तावेजों में हेरफेर कर की गई संगठित जालसाजी के मामले में डीएम नेहा शर्मा ने एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। सरकारी दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ और जालसाजी के मामले में डीएम ने राजस्व विभाग को निर्देश दिया कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निगरानी प्रणाली को और मजबूत किया जाए।
मोतीगंज थाना क्षेत्र के ग्राम डड़वा दसवतिया निवासी पवन कुमार सिंह ने जिलाधिकारी नेहा शर्मा के समक्ष शिकायती प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया था। इसमें पवन सिंह ने आरोप लगाया कि उनकी पैतृक भूमि, गाटा संख्या-196 मि0 (1.914 हेक्टेयर), को भूमाफिया ने फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से हड़पने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि उपनिबंधक कार्यालय गोंडा के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से वर्ष 1979 के जिल्द संख्या-904 के विलेख संख्या-163 के वास्तविक पन्नों को हटाकर कूटरचित पन्ने लगाए गए। इसके आधार पर गोरखनाथ सिंह के नाम से फर्जी विलेख तैयार किया गया और 2019 में अजय सिंह और अशोक कुमार सिंह ने इसी कूटरचित दस्तावेज के आधार पर भूमि का बैनामा करा लिया।
जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य राजस्व अधिकारी से जांच कराई। जांच रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि विलेख संख्या-163 में कूटरचना की गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, उक्त दस्तावेज मानक से भिन्न थे और गलत तरीके से तैयार किए गए थे। अन्य विलेखों से इन दस्तावेजों में भिन्नता स्पष्ट नजर आई। इसके बाद पाया गया कि सरकारी प्रक्रियाओं का उल्लंघन करते हुए इन दस्तावेजों के माध्यम से भूमि का फर्जी हस्तांतरण किया गया।
जांच रिपोर्ट मिलने के बाद जिलाधिकारी ने तुरंत एफआईआर दर्ज करने और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई का आदेश दिया।