गोंडा। अचल संपत्ति खरीदने के बाद रजिस्ट्री कराने पर अब ज्यादा जेब ढीली करना पड़ेगी। भू संपत्तियों की रजिस्ट्री में अब पहले के मुकाबले डेढ़ से चार गुना तक अधिक स्टांप शुल्क चुकाना पड़ेगा। डीएम की अनुमति के बाद जिले में भू संपत्तियों की खरीद फरोख्त के लिए नया सर्किल रेट लागू किया गया है। इसके तहत सदर तहसील के आठ गांवों को अर्द्ध नगरीय क्षेत्र भी घोषित करने से यहां की जमीन के दाम भी अब आसमान छूने लगेंगे।
एक अक्टूबर 2023 के बाद जिले में डीएम नेहा शर्मा की अनुमति से नए सर्किल रेट को पहली जून से लागू करने का आदेश जारी किया गया है। आवासीय, वाणिज्यिक भूमि और दुकानों के रेट में इजाफा हुआ है। ग्रामीण क्षेत्र की सूची में रहे तहसील के आठ गांवों को भी अब अर्द्ध नगरीय क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। इनमें खीरभारी, खरगूपुर टाउन, धानेपुर, पूरे भोधर टाउन, पूरे भोधर बाहर टाउन, पूरे उदई, माधवगंज और मुजेहना गांव क्षेत्र शामिल हैं। साथ ही नगरीय क्षेत्र की नई सूची में से छावनी को हटा दिया गया है। उम्मीद है कि इससे सरकारी राजस्व में काफी इजाफा होगा।
पांच से 10 फीसदी तक सर्किल रेट की बढ़ी दरों को मंजूरी देने से पहले जिलाधिकारी ने चिन्हित मार्ग पर स्थित जमीनों (बड़े गाटो) के असीमित दायरे में अलग सर्किल रेट लगने वाले प्लान में भी आंशिक संशोधन किया है। ऐसी जमीनों में अब रोड से मात्र 50 मीटर तक ही स्टांप डयूटी लगेगी।