करनैलगंज। नोटों पर खून के धब्बे। खून से सनी चाकू और पिता-पुत्र के बयानों में भिन्नता से पुलिस हत्यारे तक पहुंच गई। कड़ाई से पूछताछ में आरोपित ने जुर्म स्वीकार करते हुए कहा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में आर्थिक सहायता ने मिलने पर बड़े भाई की हत्या की थी। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
नरायनपुर माझा दुल्हिनपुरवा निवासी शिवशंकर (30) की तीन फरवरी की रात चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। छोटा भाई अमरनाथ भी घायल मिला था। पुलिस, फील्ड यूनिट एवं डॉग स्क्वायड टीम ने मौके से साक्ष्य संकलन कर जांच शुरू की। मृतक के पिता देवीदयाल की तहरीर पर पांच नामजद अभियुक्तों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया। पूछताछ के दौरान पुलिस को पिता और घायल अमरनाथ के बयानों में भिन्नता मिली।
सख्ती से पूछताछ में अमरनाथ ने बताया कि वह वर्ष 2023 से दिल्ली में रहकर सिविल सर्विसेज परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। अगस्त 2025 से वह लखनऊ में रहकर तैयारी करने लगा था। पढ़ाई के दौरान उसे पर्याप्त पैसे नहीं मिलते थे। परिवार का पूरा नियंत्रण बड़े भाई के पास था। उसे आशंका थी कि बड़ा भाई जानबूझकर पैसे नहीं दे रहा है और उसके कॅरियर को खराब कर रहा है। इसी बात को लेकर वह भाई के प्रति द्वेष रखने लगा।
दो जनवरी को माता-पिता के कल्पवास के लिए प्रयागराज जाने पर वह घर गया और खेती-बाड़ी का कार्य करने लगा। अमरनाथ ने बताया कि उसने 27 जनवरी को करनैलगंज बस स्टॉप के पास साइकिल से चाकू बेचने वाले व्यक्ति से 60 रुपये में चाकू खरीदा। घटना की रात उसे लगा कि उसके भाई के पास अधिक पैसे हैं। रात्रि में उसने खेत में पानी लगाने का बहाना बनाया और भाई को साथ लेकर घर से निकल गया। रास्ते में सुनसान स्थान पर पहुंचते ही उसने आंख में लाल मिर्च का पाउडर झोंककर चाकू से कई वार कर दिए। हाथापाई के दौरान उसके भी दोनों हाथों में चोटें आईं। शिवशंकर की मौके पर ही मौत हो गई।
इसके बाद अमरनाथ ने भाई की जेब से 31,500 रुपये निकाले और मिट्टी में छिपा दिए। खून लगा चाकू गेहूं के खेत में फेंक दिया। स्वयं को बचाने और शक से दूर रखने के लिए वह गांव की ओर भागते हुए शोर मचाने लगा कि उसके भाई को किसी ने मार दिया है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर रुपये, चाकू व लाल मिर्च पाउडर बरामद किया है। कुछ नोटों पर खून के धब्बे भी पाए गए हैं।
खुलासा करने वाली टीम को नकद पुरस्कार
हत्या के मामले का खुलासा करने वाली टीम में कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय, बृजराज प्रसाद, गौरव सिंह तोमर, अक्षय कुमार मिश्र, सरफराज खान, मोहम्मद गुफरान, दीपक मिश्रा, अरविंदर सिंह, हिमांशु प्रजापति आदि शामिल रहे। पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने घटना का सफल अनावरण करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया।