गोंडा। कैसरगंज के पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर दिए गए बयान ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। एक चैनल से बातचीत में पूर्व सांसद ने साफ कहा कि वह 2029 में लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे और कोई ताकत उन्हें रोक नहीं सकती। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 2027 में चुनाव लड़ने का उनका कोई इरादा नहीं है।
बृजभूषण के इस बयान के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है। लोग उनके बयान के निहितार्थ को लेकर अनुमान लगा रहे हैं। सवाल उठ रहा है कि 2029 तक कैसरगंज और गोंडा में सियासी समीकरण किस तरह बदल सकते हैं। दरअसल, वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने बृजभूषण शरण सिंह को टिकट नहीं दिया था। बृजभूषण के स्थान पर उनके बेटे करण भूषण सिंह को कैसरगंज लोकसभा सीट से मैदान में उतारा गया। करण भूषण सिंह भाजपा से सांसद हैं। बृजभूषण के दूसरे बेटे प्रतीक भूषण सिंह गोंडा सदर से भाजपा विधायक हैं। उनकी पत्नी केतकी सिंह जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं।
छह बार सांसद रह चुके बृजभूषण की देवीपाटन मंडल में सियासी पकड़ मजबूत मानी जाती है। उनका यह बयान भाजपा और विपक्ष दोनों के लिए चिंता का विषय बन गया है। राजनीतिक विश्लेषक इसे 2029 की तैयारी के संकेत के रूप में देख रहे हैं।