तरबगंज (गोंडा)। दो बच्चों को रविवार को नदी में डूबने से बचाने के चक्कर में एक युवक ने खुद की जान गंवा दी। सोमवार को भी गोताखोर नदी में उसके शव की तलाश करते रहे लेकिन उसका शव अब तक बरामद नहीं हो सका है।
पीएसी के गोताखोर तथा स्थानीय गोताखोर लाश ढूंढने के लिए पानी के अंदर संघर्ष कर रहे हैं। प्रधान प्रतिनिधि अनिल पांडेय ने बताया कि रविवार को लगभग 01:00 बजे दो बच्चे शिवपूजन (10), राम भजन (12) घोघरा नदी जो घाघरा नदी से लिंक है के कुंड़वा घाट पर नहा रहे थे। इसी बीच दोनों अचानक डूबने लगे।
उन्हें डूबता देख सड़क से जा रहा युवक राम बहादुर (21) पुत्र वीर बाढ़ के बहते हुए पानी में कूद पड़ा दोनों बच्चों को बाहर निकाल लिया। लेकिन स्वयं डूब गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों ने उसे ढूंढ़ने के लिए अभियान चलाया। लेकिन सफलता नहीं मिली। जिसके बाद ग्रामीणों ने एसडीएम राजेश कुमार को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया तो उन्होंने गोंडा से 30वीं वाहिनी पीएसी बाढ़ राहत दल को मौके पर भिजवाया।
जहां नायब तहसीलदार धर्मेंद्र कुमार के नेतृत्व में सोमवार को पूरे दिन ऑपरेशन चलता रहा लेकिन देर शाम तक शव बरामद नहीं हो सका था। मौके पर ही तहसील और पुलिस के आला अधिकारी कैंप कर रहे हैं। वहीं ग्रामीणों में मृतक युवक बहादुर की बहादुरी की चर्चा है कि जिसने अपनी जान देकर दो मासूमों को काल के गाल में जाने से बचा लिया। ग्राम प्रधान ने बताया कि क्योंकि मृत्यु बाढ़ के पानी में डूबने से हुई है तो मामला दैवी आपदा अंतर्गत आता है। इस संबंध में प्रशासन से निवेदन कर पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।