इसी गड्ढे में डूबा बालक, कृष्णा की फाइल फोटो
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यूपी के गोंडा में बुधवार दोपहर घर के बाहर खेलते समय पानी भरे गड्ढे में गिरने से बालक की मौत हो गई। घर के काम में व्यस्त मां को जब बेटा नजर नहीं आया तो उन्होंने तलाश शुरू की। गड्ढे में बच्चे की चप्पल उतराती देख वह उसमें कूद पड़ीं। बालक को बाहर निकाला। लेकिन, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
कटरा बाजार क्षेत्र के सिंहपुर गांव की है। गांव निवासी संजय तिवारी का इकलौते बेटे कृष्णा (3) की मौत हुई है। मजदूरी करके परिवार का गुजारा करने वाले संजय तिवारी बुधवार दोपहर करीब 1 बजे भोजन करने घर आए थे। बेटे कृष्णा ने उनके साथ भोजन किया। इसके बाद वह काम पर चले गए। पत्नी पूनम देवी घर में काम करने लगीं। कृष्णा बाहर खेल रहा था।
बच्चे की लाश देख बदहवास हो गई मां
पूनम ने बताया कि जब वह घर का काम निपटाने के बाद बाहर आईं तो कृष्णा नजर नहीं आया। आसपास के घरों में पूछा, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। कुछ देर बाद पानी से भरे गड्ढे में बच्चे की चप्पल उतराती दिखी। करीब पांच फीट गहरे गड्ढे में कूदकर पूनम ने तुरंत बेटे को बाहर निकाला। लेकिन, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मासूम की लाश देख मां पूनम बदहवास हो गईं। कृष्णा की बहन सृष्टि व पिता संजय का रो-रोकर बुरा हाल है। देर शाम गांव के पास ही खेत में कृष्णा का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
जानलेवा बने घरों के सामने बने गड्ढे
करीब 1200 की आबादी वाले सिंहपुर गांव में बारिश के पानी के साथ ही घरों के पानी की निकासी के लिए कोई इंतजाम नहीं है। गंदा पानी रास्ते में न फैले, इसके लिए गांव के हर तीसरे घर के सामने लोगों ने गड्ढा खोद रखा है। इससे जलीय जंतु का खतरा तो रहता ही है, मच्छरों की भी भरमार है।
ग्राम प्रधान वसी मोहम्मद का कहना है कि मासूम की मौत का उन्हें भी मलाल है, लेकिन नाली के लिए बजट नहीं है, इसलिए लोगों ने घरों के सामने गड्ढे बनाए हैं। बजट मिलने पर गांव में नाली का निर्माण कराया जाएगा।