रक्तदान करते जिला महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. देवेंद्र सिंह। स्रोत: विभाग
गोंडा। अमर उजाला ने 20 फरवरी के अंक में सिफारिशों ने सुखा दिया ब्लड बैंक का स्टॉक शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इसके बाद ब्लड बैंक में खून की कमी दूर करने के लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों व स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को पत्र लिखा गया था। मंगलवार को महिला अस्पताल में आयोजित शिविर में 11 अफसरों व कर्मियों ने रक्तदान किया।
महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. देवेंद्र सिंह ने स्वयं रक्तदान करते हुए कहा कि रक्तदान एक मानवीय कार्य है। लोगों को बढ़-चढ़कर रक्तदान करना चाहिए ताकि मरीजों की जिंदगी बचाई जा सके। रक्तदान करने वालों में डॉ. आशीष गुप्ता, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. सुषमा सिंह, दया सागर त्रिपाठी, सूर्य प्रकाश पांडेय, राकेश कुमार पांडेय, कृष्ण मोहन वर्मा, राम गरीब, श्रीप्रकाश व विकास सिंह शामिल रहे।
थैलेसीमिया पीड़ित किशोर के लिए पुलिसकर्मियों ने किया रक्तदान
एसपी विनीत जायसवाल को जिला अस्पताल से सूचना मिली कि 15 वर्षीय किशोर थैलेसीमिया नामक गंभीर अनुवांशिक रक्त रोग से पीड़ित है। इस बीमारी में शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर सामान्य नहीं रह पाता, जिसके कारण मरीज को नियमित रूप से रक्त चढ़ाना पड़ता है। चिकित्सकों ने बालक के लिए तत्काल ए पॉजिटिव ब्लड ग्रुप की आवश्यकता बताई थी। एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल रक्त की व्यवस्था के निर्देश दिए। प्रशिक्षणरत रिक्रूट आरक्षी आकाश वर्मा ने जिला अस्पताल पहुंचकर रक्तदान किया, जिससे किशोर की जरूरत पूरी हो गई। समय पर रक्त मिलने से उपचार तत्काल शुरू कराया जा सका।