गोंडा। छपिया इलाके में मसकनवा चौराहे के पास थार से बाइक टकरा गई। नुकसान के एवज में थार सवार लोग बाइक सवार से 30 हजार रुपये की मांग करने लगे। पीड़ित ने रकम देने से मना किया तो आरोपियों ने उसे जबरन थार में बैठा लिया। 12 घंटे तक उसे बंधक बनाए रखा। पुलिस ने बस्ती बाॅर्डर पर घेराबंदी कर पीड़ित युवक को मुक्त कराया है।
मनकापुर के लमती उकरहवा गांव के मस्तराम यादव शुक्रवार रात 08:30 बजे अपने चाचा सुनील यादव व गौरव के साथ बाइक से घनश्यामपुर ग्रांट गांव बरात जा रहे थे। मसकनवा चौराहे पर सामने जा रही थार से उनकी बाइक टकरा गई। इस दौरान थार की बैक लाइट टूट गई।
आरोप है कि थार सवार तीन युवकों ने नुकसान की भरपाई के लिए 30 हजार रुपये की मांग की। रकम न देने पर तीनों युवकों ने सुनील को गाड़ी में खींच लिया और तेज रफ्तार में वहां से भाग गए। मस्तराम यादव ने छपिया पुलिस को सूचना दी। एसओ कृष्ण गोपाल राय ने बताया कि केस दर्ज कर सुनील की तलाश शुरू की गई। सर्विलांस के जरिए सुनील की लोकेशन ट्रेस की गई। इसके बाद शनिवार सुबह नौ बजे क्षेत्र के थाना क्षेत्र में बस्ती बॉर्डर के निकट धर्मदासपुर गांव के बैरियर के पास पुलिस ने घेराबंदी कर थार को रुकवाकर सुनील को मुक्त कराया। एसओ ने बताया की थार को अमित सिंह निवासी करनैलगंज अपने दो साथियों के साथ किराये पर लेकर टिनिच बाजार बस्ती जा रहे थे। थार को कब्जे में लिया गया है। कार्रवाई की जा रही है।