प्रदेश के कई जिलों में धार्मिक व पिकनिक स्पॉट हैं, जहां लोग पूरे परिवार के साथ ट्रेवेल एजेंसियों के माध्यम से टूरिस्ट बसों से आते-जाते हैं। संचालक इन बसों का अस्थायी परमिट जारी कराते हैं। यही नहीं, स्पेशल परमिट का भी इस्तेमाल करते हैं। बारिश के मौसम में भूस्खलन के कारण लोग पहाड़ों पर जाने से बचते हैं, लेकिन बस संचालक लोगों को वहीं की सैर करा रहे हैं।
देवीपाटन के बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर की खुली सीमा संवेदनशील मानी जाती है। सीमा पर एसएसबी के साथ ही सिविल पुलिस की चाैकी भी बनाई गई है, जहां आने-जाने वालों की जांच की जाती है। इसे लेकर प्रशासनिक अमले की भी पैनी नजर रहती है।
पिछले तीन दिनों में ऑटो अप्रूवल पर जारी हुए नेपाल की सैर के तीन स्पेशल परमिटों ने कई सवाल खड़े किए हैं। पहला सवाल यही कि क्या नो रूट बसों से नेपाल के टूर से सिर्फ मोटी कमाई करना ही इरादा है या टूर के बहाने तस्करी का खेल चल रहा है। ऐसे कई सवालों के जवाब लोगों के साथ ही परिवहन अधिकारी भी तलाश रहे हैं।
परमिट में ये दर्शाया रूट
बस संचालक ने स्पेशल परमिट के ऑटो अप्रूवल पर आवेदन में गोंडा से देवीपाटन, देवीपाटन से बढ़नी नेपाल बॉर्डर, नेपाल बॉर्डर से प्रभुनाथ से बुटवल, नारायणघाट, बुटवल नारायण घाट से काठमांडू नेपाल, काठमांडू से धनुषधाम जनकपुर नेपाल, जनकपुर नेपाल से सीतामढ़ी बिहार, सीतामढ़ी बिहार से गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर, अयोध्या धाम से गोंडा का रूट दर्शाया है।
वाहन 4.0 ऐप से ऐसे निकालते हैं स्पेशल परमिट
बस संचालक वाहन 4.0 ऐप से ऑनलाइन सर्विसेस के आप्शन में जाकर परमिट रिटेलर सर्विसेस पर क्लिक करते हैं। क्लिक करते ही प्रदेश का ऑप्शन आता है। इसमें उत्तर प्रदेश फीड करते ही अप्लाई फॉर परमिट रिलेटेड सर्विस का आप्शन आता है। इसमें वाहन नंबर व आखिरी पांच डिजिट का चेचिस नंबर फीड कर प्रोसीड करते ही आधार नंबर और मोबाइल नंबर का आप्शन आता है। इसके बाद परमिट पेज खुलते ही कितने दिन का परमिट लेना है और कहां से कहां तक जाना है, वाया रूट आप्शन आता है। इसके बाद वाहन नंबर और चेचिस नंबर फीड करते ही आधार में दर्ज मोबाइल नंबर पर ओटोपी डालते के बाद प्रोसीड करने पर परमिट फीस डिपॉजिट का आप्शन आता है। फीस फीड करके प्रोसीड करते ही रसीद के साथ ही स्पेशल परमिट जारी होती है।
अधिकारियों के साथ मिलकर करेंगे कार्रवाई
देवीपाटन संभाग के आरटीओ राजेश कुमार मौर्य ने बताया कि ऑटो अप्रूवल स्पेशल परमिट में गड़बड़ी की शिकायत मिली है। नेपाल तक के लिए परमिट जारी हुए हैं। जिला प्रशासन के अधिकारियों से इस संबंध में बातचीत करके कार्रवाई की जाएगी।