गोंडा। उमरीबेगमगंज के प्रथमा यूपी बैंक ने किसानों को संकट में डाल दिया। उनके चालू खाते पर जमा निकासी पर रोक लगा दी है। बैंक प्रबंधक की ओर किसानों के केसीसी खातों को चालू बैंक खातों से जोड़ दिया गया है।
इससे करीब एक हजार किसानों के चालू खातों से निकासी पर रोक लग गई है। किसानों ने इसके विरोध में प्रदर्शन किया और चालू खाते से रोक हटाने की मांग की है। बैंक की इस कार्रवाई के बारे में लोगों ने कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह को दी। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मामले में कार्रवाई कराएंगे।
जिले के उमरीबेगम गंज में किसानों ने बैंक मैनेजर पर मनमानी का आरोप लगाया। आरोप है कि मैनेजर ने 1000 केसीसी खातों पर रोक लगा दी। इससे जोताई-बोवाई के समय में किसानों की किसानी प्रभावित हो रही है।
मैनेजर ने खाते पर रोक लगने से किसानों ने बैंक मैनेजर के खिलाफ नाराजगी जताई और बैंक के बाहर जमकर हंगामा किया। ऐसे समय में उनके खाते पर रोक लग जाने से किसान काफी परेशान हैं।
वही बैंक मैनेजर वरिंदर प्रताप का कहना है पहले किसान पुराना कर्ज जमा करें। इसके बाद ही उन्हें निकासी की अनुमति दी जा सकती है। वहीं किसानों का कहना है कि एक वर्ष से गन्ने का भुगतान नहीं हुआ है और इस वर्ष अत्याधिक बरसात से उनकी फसलें भी बर्बाद हो गई हैं। जिसके चलते वे कर्ज चुकाने में असमर्थ हैं। खाते पर रोक के चलते उनकी किसानी प्रभावित हो रही है, जिससे भुखमरी की स्थिति हो जाएगी।
किसानों ने बैंक मैनेजर पर बिचौलियों से सांठगांठ का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बैंक में बाहरी लोग मैनेजर से मिलकर ऐसा करा रहे हैं। शासन से किसानों के खातों पर रोक लगाने के जैसा कोई आदेश नही है। इसके बाद भी किसानों को परेशान किया जा रहा है और फिर बिचौलियों की ओर से किसानों को उलझाया जा रहा है।
जिससे वह मिलीभगत करके अपनी रोक हटवा लें। वहीं बैंक का दावा है कि केसीसी से रुपये निकालने के बाद जमा नहीं किया जा रहा है। इससे यह कार्रवाई करनी पड़ी है, कुछ ही लोग हैं जो कर्ज समय से जमा नही करते हैं। कई तो दो- दो सालों से जमा नही कर रहे हैं।