गोंडा। चोरी और फर्जी आधार कार्ड व मतदाता पहचान पत्र रखने के दोषी बांग्लादेशी नागरिक डालिम को सीजेएम अमित कुमार सिंह ने पांच साल के साधारण कारावास और 18 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करने का आदेश दिया है।
डालिम को नगर कोतवाली पुलिस ने आठ दिसंबर 2024 को चोरी के आरोप में पकड़ा था। तभी से वह न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार में निरुद्ध है। गिरफ्तारी के समय उसके पास कानपुर के पते पर बना मतदाता पहचान पत्र और पश्चिम बंगाल के पते का आधार कार्ड बरामद हुआ था। अदालत ने सुनवाई के दौरान आरोप सही पाए जाने और आरोपी की ओर से अपना जुर्म स्वीकार किए जाने के बाद सजा सुनाई। साथ ही जेल अधीक्षक गोंडा को निर्देश दिया कि सजा पूरी होने के बाद जिलाधिकारी से समन्वय स्थापित कर डालिम को बांग्लादेश भेजने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को जमानत नहीं
गोोंडा। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) निर्भय प्रकाश की अदालत ने किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म के आरोपी शेषराम की जमानत अर्जी खारिज कर दी। मामला कोतवाली देहात क्षेत्र का है। पीड़िता के पिता ने 20 अप्रैल 2026 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। (संवाद)
अंधविश्वास का भय दिखाकर ठगी के आरोपी को राहत नहीं
गोंडा। अंधविश्वास और धार्मिक भय दिखाकर आभूषण व नकदी ठगने के आरोपी हजरत अली की जमानत अर्जी विशेष न्यायालय संख्या-1 की न्यायाधीश नित्या पांडेय ने खारिज कर दी। अभियोजन के अनुसार आरोपी गिरोह के साथ पूजा-पाठ के नाम पर लोगों को डराकर ठगी करता था। कोतवाली नगर पुलिस की जांच
दहेज हत्या के आरोपी पति को जमानत नहीं
गोंडा। दहेज में सोने की चेन की मांग पूरी न होने पर पत्नी को प्रताड़ित कर आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोपी पति निगम मौर्य की जमानत सत्र न्यायाधीश दुर्ग नरायन सिंह ने खारिज कर दी। मामला कौड़िया थाना क्षेत्र का है। आरोप है कि 20 जुलाई को निगम की पत्नी संजू की फंदे से लटककर मौत हो गई थी। मायके पक्ष ने दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या कर शव लटकाने का आरोप लगाया था। (संवाद)
मारपीट के दो आरोपियों को जमानत
गोंडा। वजीरगंज के मारपीट के मामले में आरोपी निक्कू सिंह और विकास सिंह उर्फ विक्की को सत्र न्यायाधीश दुर्ग नरायन सिंह ने जमानत दे दी। दोनों पर पुरानी रंजिश में घर में घुसकर मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप था। अदालत ने मेडिकल रिपोर्ट में चोटों की प्रकृति सामान्य पाए जाने और सहअभियुक्तों को पहले ही जमानत मिलने समेत अन्य तथ्यों को देखते हुए दोनों की जमानत अर्जी मंजूर कर ली। (संवाद)