किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान न करने के आरोप में बजाज चीनी मिल इटईमैदा के अध्याशी पर दर्ज केस में गिरफ्तारी के लिए डीएम ने शनिवार को दोबारा एसपी को पत्र लिखा है। 35 हजार किसानों के 57.21 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान बजाज चीनी मिल प्रबंधन ने अभी तक नहीं किया है। डीएम ने बजाज चीनी मिल अध्याशी को तत्काल किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान करने का निर्देश दिया है।
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह ने शनिवार को बताया कि बजाज चीनी मिल इटईमैदा के अध्याशी साकेत बंसल के खिलाफ किसानों के गन्ना मूल्य भुगतान न करने के आरोप में बीती दो मई को गन्ना समिति उतरौला के विशेष सचिव दिनेश चंद्रलाल ने उतरौला कोतवाली ईसी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराई थी।
बजाज चीनी मिल इटईमैदा ने पेराई सत्र 205-16 में क्षेत्र के 35 हजार किसानों को 57.21 करोड़ रुपये बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान अभी तक नहीं किया है। गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर भारतीय किसान क्रांति यूनियन सहित अन्य कई संगठन व किसान नेता लगातार अध्याशी के गिरफ्तारी को लेकर आंदोलन चला रहे हैं।
किसानों के बढ़ते दबाव को देखते हुए डीएम प्रीति शुक्ला ने पुलिस अधीक्षक राजीव मल्होत्रा को दोबारा पत्र लिखकर गिरफ्तारी के लिए दबिश देने की मांग की है। एसपी ने बताया कि अध्याशी की गिरफ्तारी के लिए उतरौला कोतवाली की पुलिस को दबिश देने का निर्देश दिया गया है।
जिला गन्ना अधिकारी बलरामपुर यशपाल सिंह ने कहा कि पेराई सत्र 2015-16 किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान न करने के आरोप में बजाज मिल का चीनी, शीरा, बगास व प्रेसमड को अभिरक्षा में लिया गया है।
एसडीएम उतरौला रामकेर सिंह यादव, विशेष सचिव सहकारी गन्ना समिति उतरौला दिनेश चंद्रलाल व अध्याशी चीनी मिल इटईमैदा के संयुक्त हस्ताक्षर से चीनी, शीरा व बगास की बिक्री होनी है। ब्रिकी की धनराशि जिला गन्ना अधिकारी, विशेष सचिव उतरौला व अध्याशी के संयुक्त बैंक खाते में जमा करानी होगी।
चीनी, शीरा, बगास व प्रेसमड की बिक्री से उपलब्ध धनराशि का 95 प्रतिशत धनराशि से गन्ना मूल्य भुगतान किया जाएगा। मिल प्रबंधन जानबूझकर चीनी, शीरा, बगास व प्रेसमड बेचने में हीलाहवाली बरत रहा है।