गोंडा। प्रदेश में अनामिका प्रकरण की जांच के साथ ही प्रदेश की योगी सरकार ने सहायता प्राप्त स्कूलों में हुई अनियमित नियुक्तियों पर भी शिकंजा कसा है। नियुक्तियों की जांच में भाजपा विधायक समेत सपा नेता व पूर्व विधायक निशाने पर आ गए। शिक्षा विभाग में बहुचर्चित एडेड स्कूल के लिपिक स्वयं प्रकाश शुक्ल पर भी एसआईटी की नजर है। भाजपा विधायक व पूर्व विधायक समेत 61 लोगों को एसआईटी ने मुख्यालय तलब किया है। जिले के 29 सहायता प्राप्त स्कूल जांच के दायरे में हैं और बीते फरवरी से चल रही जांच को एक बार फिर आगे बढ़ा दिया है। एसआईटी ने 61 लोगों को सूचीबद्ध कर मुख्यालय तलब किया है। इनसे की गईं नियुक्तियों की पूरी छानबीन होगी और फिर आगे की कार्रवाई होगी।
प्रदेश सरकार ने 24 जनवरी को गोंडा जिले के सहायता प्राप्त स्कूलों में अनियमित नियुक्तियों के मामलों को संज्ञान में लेकर जांच के आदेश दिए थे। इसमें स्कूलों में 146 सहायक अध्यापकों की नियुक्तियों पर सवाल खड़े किए थे और इसकी बड़े पैमाने पर जांच बैठाई थी। शासन की रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने जारी करते हुए निर्देश दिया था कि मामले की गहराई से जांच हो। इसमेें 29 कॉलेजों के 61 लोगों की सूची जारी की है और उन्हें दो सप्ताह में लखनऊ हाजिर होकर पूरी रिपोर्ट देने को कहा है। इसमें कटरा बाजार के भाजपा विधायक बावन सिंह जो विवेका नंद लघु माध्यमिक विद्यालय करनैलगंज के प्रबंधक हैं। इसी तरह सपा नेता व पूर्व विधायक राम प्रताप सिंह भी प्रबंधक दीन दयाल जनता लघु माध्यमिक विद्यालय के प्रबंधक है। इनके साथ ही 61 लोग तलब हुए हैं। अपर पुलिस अधीक्षक एसआईटी अमृता मिश्रा ने सूची में शामिल सभी लोगों को दो सप्ताह में सभी अभिलेख के साथ आने का निर्देश दिया है। इससे शिक्षा विभाग में एक बार फिर खलबली मच गई है। माना जा रहा है कि एसआईटी हर एक नियुक्ति को खंगालने में जुटी है।
नियुक्तियों से जुड़े अभिलेखों को खंगालने में जुटी टीम
बेसिक शिक्षा विभाग एक बार फिर चर्चा में हैं और एसआईटी अब गहराई से छानबीन में जुट गई है। टीम ने इस बार मान्यता के साथ ही वेतन अनुमोदन, अभिलेखों व भुगतान से संबंधित मामलों के अभिलेख तलब किया है। इसके साथ ही चिह्नित किए गए सभी लोगों के बयान भी लिए जाएंगे। एसआईटी के तेवर से जिले में खलबली मची है अचानक इस मामले की जांच से कई सकते में हैं।
निलंबित हो चुके हैं बीएसए, कई और निशाने पर
सहायता प्राप्त स्कूलों में भर्ती मामले में पूर्व बीएसए मनिराम सिंह पहले ही निलंबित हो चुके हैं। वे तो एसआईटी मुख्यालय पर तलबी के बाद गए भी थे फिर भी शासन ने निलंबित कर दिया था। बाद में मामला हाईकोर्ट जाने पर आननफानन निलंबन की जांच कर रहे संयुक्त शिक्षा निदेशक अयोध्या ने आरोप पत्र जारी किया और उन्हें भेजा। अभी मामला शासन स्तर पर विचाराधीन ही है।
एसआईटी के सामने दो सप्ताह में इन्हें देने होंगे अभिलेख
एसआईटी के सामने दो सप्ताह में 61 लोगों को नियुक्तियों की जांच से जुड़े अभिलेख देने होंगे। जिसमें भाजपा विधायक व पूर्व विधायक के साथ ही राजेन्द्र सिंह, सुशील मिश्र, हीरा लाल, कौशलेन्द्र प्रताप, अनुश्री सिंह, राम लखन द्विवेदी, जितेन्द्र प्रताप सिंह, अभिमन्यु सिंह, श्रीमान सिंह, संदीप कुमार, डा. रेनू, जगदीश गुप्ता, कमलेश, विश्वनाथ तिवारी, नरसिंह नारायण, बीईओ तरबगंज, ह्दयराम, दिग्विजय, जितेन्द्र पांडे, चन्द्रभान, अरुण कुमार, आशा सिंह, सुभ्रांत बहादुर सिंह, मुन्नालाल, श्रवण द्विवेदी, बजंरगी प्रसाद, ऋषिकेश मिश्र, राजेश्वरी, राजेश कुमार, प्रदीप पांडे, प्रमिला देवी, अब्दुल रहीम, मोहम्मद वसीर, रियाजुद्दीन, गीता देवी, ज्ञान प्रकाश, स्नेहलता, मुरलीधर द्विवेदी, अजीत पांडे, शिव नारायण, चन्द्रमणि तिवारी, केशवराम, आशा, अर्चना, राजकुमारी, श्री निवास तिवारी, ओम प्रकाश श्रीवास्तव, पवन यादव, शैलेष कुमार, नलीनी, राजीव सिंह, अब्दुला खान, प्रेम चन्द्र उपाध्याय, सत्य प्रकाश सिंह को बयान के लिए तलब किया है। इसके साथ ही पूर्व वित्त अधिकारी रईस अहमद, लिपिक सुधीर सिंह, तिलक राम, आलोक श्रीवास्तव भी तलब किए हैं।
मुझे कोई नोटिस नही मिला है, मेरे यहां सब ठीक है : विधायक
शिक्षक भर्ती की जांच एसआईटी कर रही है लेकिन मुझे तलब किए जाने की नोटिस अभी नहीं मिला है। मेरे स्कूल में कोई गड़बड़ी नही हुई हैं, जांच में हर पूरा सहयोग करेंगे। -बावन सिंह, विधायक कटरा बाजार
एसआईटी के नोटिस की जानकारी नहीं है
शिक्षक भर्ती के मामले में मुझे कोई नोटिस नहीं मिला है। किसी प्रकार की शिक्षक भर्ती में गड़बड़ी से मेरा कोई लेनादेना नहीं है। -राम प्रताप सिंह, पूर्व विधायक
सहायता प्राप्त स्कूलों के मामले की जांच एसआईटी के स्तर से हो रही है। जांच में विभाग हर संभव सहयोग कर रहा है। 61 लोगों को जांच में बयान के लिए बुलाया गया है। -डॉ. इंद्रजीत प्रजापति, बीएसए