गोंडा। उत्तर प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव बैंक की गोंडा शाखा में करोड़ों रुपये के कथित घोटाले के मामले में आरोपी फूल मोहम्मद को अदालत से राहत नहीं मिली। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) नित्या पांडेय ने उसकी अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी।
अभियोजन के अनुसार उत्तर प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की गोंडा शाखा में वितरित ऋणों और खातों में भारी वित्तीय अनियमितताएं सामने आई थीं। रिजर्व बैंक से इम्पैनल्ड चार्टर्ड अकाउंटेंट की विशेष ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन कुमार पाल और अन्य बैंक कर्मियों ने कथित रूप से खाताधारकों के साथ मिलकर बैंक नियमों के विपरीत ऋण स्वीकृत और वितरित किए। जांच में करीब 2147.78 लाख रुपये के गबन और दुरुपयोग का मामला सामने आया।
जनवरी में कोतवाली नगर में दर्ज एफआईआर में आरोप लगाया गया कि बैंक कर्मचारियों और कुछ खाताधारकों ने मिलकर फर्जी दस्तावेजों, अवैध ट्रांसफर और आरटीजीएस के माध्यम से धनराशि का दुरुपयोग किया। मामले में कई खाताधारकों को भी आरोपी बनाया गया है, जिनमें फूल मोहम्मद का नाम भी शामिल है। कोतवाली देहात के दौलतपुरवा निवासी फूल मोहम्मद ने अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी। अदालत ने बचाव व सरकारी पक्ष को सुनने के बाद अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी।