गोंडा। सदर तहसील में मनमानी, अनियमितता और भ्रष्टाचार के मामले को लेकर अधिवक्ता लामबंद होने लगे हैं। नाराज अधिवक्ताओं की मांग पर बार एसोसिएशन ने मंगलवार को दिन में तीन बजे मीटिंग आहूत की है।
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राम बुझारथ द्विवेदी व महामंत्री संजय कुमार सिंह ने बताया कि नलिन नरायन पांडेय, डीपी ओझा आदि दर्जनों अधिवक्ताओं ने पत्र देकर अवगत कराया था। इसी क्रम में संघ के पदाधिकारियों व सदस्यों की बैठक बुलाई गई है। पत्र में कहा गया है कि सदर तहसील में मनमानी, अनियमितता और भ्रष्टाचार चरम पर है। यहां रात में बैठकर अधिकारी, कर्मचारियों द्वारा अनियमित कार्य किया जाता है। इस पर पाबंदी न लगने से अधिवक्ताओं में आक्रोश है। तहसील के न्यायिक व प्रशासनिक समस्याओं को लेकर कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया और बार एसोसिएशन की ओर से प्रस्ताव भी पारित किया गया, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। अधिवक्ताओं का कहना है कि सदर तहसील में दाखिल खारिज की पत्रावलियों को अदम पैरवी में निरस्त कर वादकारियों व अधिवक्ताओं को परेशान करने की प्रथा पर रोक लगनी चाहिए। उपजिलाधिकारी सदर अवनीश त्रिपाठी ने बताया कि तहसील में कोई अनियमितता और भ्रष्टाचार नहीं है। नियमानुसार कार्य किया जा रहा है। अधिवक्ताओं के नाराजगी की जानकारी नहीं है। शिकायत मिलने पर जांच कराकर दोषी अधिकारी, कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।